होडल थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग लड़की से गैंगरेप का मामला जांच में फर्जी निकला। असल में एक युवक ने अपने ही गांव के दो युवकों से हुए झगड़े की रंजिश का बदला लेने के लिए दोनों के खिलाफ अपनी नाबालिग बहन को बंधक बनाने व उसके साथ गैंगरेप करने की शिकायत पुलिस को दी थी।
पुलिस द्वारा लड़की का मैडिकल परीक्षण कराने की बात पर शिकायकर्ता युवक टाल-मटोल करता रहा। जब पुलिस ने गांव में जाकर मामले की गहनता से जांच की और नाबालिग लड़की के बयान दर्ज किए तो सच सामने आ गया। पहले तो युवक बहन के दबाव में होने की बात कहता रहा, लेकिन बाद में उसने भी फर्जी शिकायत देना मान लिया।
मामला 27 जनवरी का है। होडल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक युवक ने महिला थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में युवक ने कहा कि उसकी 13 वर्षीय नाबालिग बहन रात के समय घर से गांव में ही दुकान पर सामान लेने गई थी। जब वह वापस घर आ रही थी तो गांव निवासी दीपक व धर्मेंद्र ने उसे पकड़ लिया और पास में ही खंडहर हवेली में ले जाकर रातभर उसे बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। शिकायतकर्ता का कहना था कि उसकी बहन जब सुबह घर पहुंची तो आपबीती परिजनों को बताई।
जब जांच अधिकारी एएसआई मंजू मामले की जांच करने शिकायतकर्ता युवक के गांव में पहुंचीं और लड़की के बयान दर्ज किए तो सच सामने आ गया। लड़की ने अपने बयान में कहा कि उसके साथ ऐसी कोई घटना घटित नहीं हुई है, बल्कि उसके भाई ने अपने झगड़े की रंजिश का बदला लेने के लिए इस प्रकार की शिकायत दी है। वहीं इस मामले में शिकायतकर्ता लड़की के भाई ने भी स्वीकार किया है कि उससे गलती हुई है। इस बारे में महिला थाना प्रभारी कमला देवी का कहना है कि उनके सामने भी किशोरी ने दुष्कर्म की बात को भाई की साजिश करार दिया है।