रिहायशी क्षेत्रों में खोले जा रहे शराब के ठेकों का विरोध लगातार बढ़ता ही जा रहा है। सुनवाई न होने पर बृहस्पतिवार देर रात लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने एक शराब के ठेके पर पहुंचकर तोड़फोड़ की और वहां काम कर रहे सेल्समैनों को भी मारकर भगा दिया। तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही कैंप पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस के आने के बाद भी लोगों ने तोड़फोड़ जारी रखी। पुलिस ने जब एक आरोपी को गिरफ्तार किया तो उसके बाद बाकी लोग भाग निकले।
उधर ठेकेदार का आरोप है कि ठेके पर तोड़फोड़ मचाने वाले लोग ठेके से एक लाख, 38 हजार रुपये भी लूटकर ले गए। पुलिस ने इस मामले में ठेकेदार के बयान पर आठ नामजद सहित करीब तीन दर्जन लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार की देर रात हुडा सेक्टर-दो निवासी रोहताश ठेकेदार ने सूचना दी कि जवाहर नगर में स्थित उसके शराब के ठेके पर वहां रहने वाले लोग तोड़फोड़ कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और ठेकेदार भी पहुंच गया। जब तक पुलिस मौके पर पहुंची लोगों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी थी।
पुलिस के आने के बाद भी लोग तोड़फोड़ कर रहे थे। लोगों के हाथों में लाठी व डंडे थे। इतना ही नहीं लोगों ने ठेके पर कार्यरत सेल्समैन हरवीर, राजेंद्र व राजपाल के साथ भी मारपीट की। इससे डरकर वह तीनों अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकले। वहां के हालात को देख पुलिस ने स्थिति को काबू किया तथा तोड़फोड़ कर रहे एक आरोपी मदन को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की अचानक सख्ती को देख लोग वहां से भाग निकले। बाद में पुलिस ने ठेकेदार के बयान पर जवाहर नगर निवासी मदन, बल्लो पत्नी कृष्ण, रज्जो, सन्नी, कृष्ण, किशोरीलाल, मोहन, बिज्जू व 25-30 अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
उधर सामाजिक संगठनों के लोगों का कहना है कि इस स्थिति के लिए प्रशासन व आबकारी विभाग जिम्मेदार हैं। शहर के लोग पिछले 20 दिनों से शांति से शराब के ठेकों के खुलने का विरोध कर रहे हैं, परंतु न तो प्रशासन सुन रहा है और न ही आबकारी विभाग। यदि जल्द इस मामले को प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया और रिहायशी क्षेत्रों में शराब के ठेकों को बंद नहीं कराया गया तो अन्य जगहों पर भी इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं।
वहीं जिला उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा का कहना है कि जिले के अंदर शांति भंग नहीं होने दी जाएगी। न ही कोई इस तरह की घटना होने दी जाएगी। नियमानुसार जो कार्रवाई हो सकती है, वह की जा रही है। जिला पुलिस अधीक्षक सुलोचना गजराज का कहना है कि पुलिस द्वारा शहर में इस तरह की वारदात नहीं की जाएगी। किसी का विरोध जताना है तो उसके और कई रास्ते हैं, इस तरह से तोड़फोड़ व लूटपाट की वारदात बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होंगी। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अन्य कई जगहों पर भी पुलिस सतर्क
उधर जवाहर नगर कैंप में लोगों का आक्रोश देखते हुए अन्य रिहायशी क्षेत्रों में भी लोगों का गुस्सा बढ़ने लगा है। लोगों के विरोध को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है। जिला पुलिस अधीक्षक ने भी सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शराब के ठेकों के पास नजर रखने के आदेश दे दिए हैं, ताकि किसी और जगह इस तरह की वारदात न हो।