गन की लाइसेंस को एसडीएम तक पहुंचाने की एवज में एक हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस विभाग की टीम ने घूसखोर लिपिक (क्लर्क) को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नीमका जेल भेज दिया। आरोपी क्लर्क सेवानिवृत हो चुका था तथा वर्तमान में अनुबंध आधार पर कार्यरत था।
फरीदाबाद विजिलेंस के डीएसपी जयवीर सिंह राठी के अनुसार न्यू कालोनी निवासी विक्रम सिंह ने शिकायत दी थी कि उसकी बंदूक का लाइसेंस बना हुआ है। उसके लाइसेंस के नवीनीकरण की तारीख नजदीक थी, इसलिए उसने एसडीएम कार्यालय में कार्यरत मान सिंह से बात की। मान सिंह ने फाइल को एसडीएम तक पहुंचाने के लिए विक्रम से एक हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
विभाग की टीम मंगलवार को पलवल आई और उन्होंने 500-500 के दो नोटों पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर करवाने के बाद विक्रम सिंह को दिये। विक्रम सिंह ने मान सिंह से संपर्क किया और उसके बताने पर महर्षि दयानंद चौक (आगरा चौक) पर पहुंच गया। जैसे ही विक्रम ने मान सिंह को रुपये दिए, टीम ने उसे मौके पर दबोच लिया। टीम ने उसकी जेब से रंग लगे नोटों को बरामद कर लिया और हाथ धुलवाए तो रंग छूट गया। एसडीएम एसके चहल के अनुसार आरोपी मान सिंह 2011 में सेवानिवृत हो गया था और वर्तमान में वह अनुबंध आधार पर रेलवे फ्रेट कारिडोर का काम देख रहा था।