हथीन। गांव भंगूरी स्थित एक ईंट भट्ठे पर 10 दिनों से कथित रूप से बंधक बनाए गए 54 मजदूरों को बृहस्पतिवार दोपहर मानवाधिकार आयोग की टीम ने मुक्त कराया। इनमें कई गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं।
टीम का नेतृत्व कर रहे श्रम विभाग के निरीक्षक रूपेश ने बताया कि छत्तीसगढ़ निवासी अजय कुमार ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत दी थी कि भंगूरी के राम ईंट भट्ठे पर छत्तीसगढ़ के करीब 54 मजदूरों को कथित रूप से परिवार समेत बंधक बनाया गया है। उनसे जबरन काम कराया जा रहा है तथा उनका शोषण किया जा रहा है। इसके बाद मानवाधिकार आयोग की टीम ने श्रम विभाग को जानकारी दी। श्रम विभाग के निरीक्षण रूपेश और हथीन के नायब तहसीलदार गुलाब सिंह को मजदूरों को बंधनमुक्त कराने की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद टीम पुलिस बल के साथ भट्ठे पर पहुंची और वहां काम कर रहे मजदूरों से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि वह बंधक बनाकर रखे गए हैं। टीम ने उन्हें बंधनमुक्त कराया और उनके बयान दर्ज कर उन्हें उनके घर छत्तीसगढ़ भेजने का प्रबंध किया। बाद में मानवाधिकार आयोग की टीम व श्रम विभाग की टीम ने इस बारे में हथीन थाने में ईंट भट्ठा मालिक रविंद्र गुप्ता, जगदीश कक्कड़, मुनीम राम प्रसाद व राज कुमार के खिलाफ लिखित शिकायत दी है। आरोपियों के खिलाफ मजदूरों को जबरन बंधक बनाने और उनका शोषण करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराने को कहा गया है।
मजदूरों को बंधनमुक्त कराने वाली टीम में श्रम विभाग के निरीक्षक के अलावा, खाद्य आपूर्ति अधिकारी वीरेंद्र कुमार, हथीन थाने के एएसआइ विजयपाल, महिला सिपाही शशि शर्मा, मानव अधिकार आयोग की टीम के सदस्य एडवोकेट ओश भट्ट, खलील, विलियम हुंसा, कुनाल, उमेद राजेश शेखर आदि शामिल थे।