तहसील कार्यालय में जमीनों की रजिस्ट्री कराने के लिए एनओसी लेने के मामले में गोलमाल के मामले प्रकाश में आए हैं। मामलों की चर्चा सोशल मीडिया पर भी हो रही है, इसकी शिकायत सीएम विंडो को पर की गई है।
चर्चा है कि तहसील में बिना एनओसी के जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए कुछ दलाल सक्रिय हैं, जो तहसील कार्यालय में सांठगांठ कर एनओसी के नाम पर 300 रुपये प्रति गज के हिसाब से लेकर रजिस्ट्री करा देते हैं।
इससे न सिर्फ राजस्व का नुकसान हो रहा है और आम आदमी लुट रहा है। इस मामले को लेकर कुछ लोगों ने सीएम विंडो पर भी शिकायत की है। मामले को लेकर बीजेपी से जुडे़ कुछ लोग इसे सीएम दरबार में भी ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि जिले में जमीनों की रजिस्ट्री कराने के लिए नगर परिषद से व अन्य विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेनी पड़ती है। कुछ जमीनें ऐसी हैं, जिनकी एनओसी नहीं मिल सकती। उसके बावजूद भी सभी उपमंडलों की तहसीलों में उन जमीनों की रजिस्ट्री धड़ल्ले से हो रही हैं।
बताया जाता है कि तहसीलों में दलाल सक्रिय हैं, जो तहसील कार्यालय व जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों के बीच में समझौता कराने का काम करते हैं। जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले से 300 रुपये प्रति गज के हिसाब से सुविधा शुल्क लेकर रजिस्ट्री करवाते हैं। सूत्रों की मानें तो इस मामले में सत्ता पक्ष से जुड़े कुछ नेताओं के सहयोगी भी शामिल हैं। गोलमाल की चर्चा सोशल मीडिया पर भी जमकर हो रही है। रजिस्ट्री में गोलमाल को उजागर करने के लिए युवा इनेलो के पूर्व जिलाध्यक्ष भगत सिंह घुघेरा ने सीएम विंडो पर इसकी शिकायत की है। उनका कहना है कि वे डीसी से भी मामले की जांच कराने के लिए मांग करेंगे।
कोर्ट
पिछले काफी समय से रजिस्ट्री में गोलमाल कर सरकार को बदनाम करने की बात सामने आ रही हैं। मामले की शिकायत सीएम से की जाएगी व इसकी जांच कराने की मांग की जाएगी।
-मुनीष भारद्वाज, पूर्व पार्षद व संयोजक बजरंग दल।
वर्जन.......
मैं दो दिन से छुट्टी पर हूं। मेरे संज्ञान में अभी तक इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं आई है। अगर कोई ऐसा मामला है तो, जांच कराई जाएगी। कोई मामला पाया गया तो दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों व लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिले के किसी भी विभाग में दलाली प्रथा नहीं चलने दी जाएगी।
-अशोक कुमार शर्मा, डीसी, पलवल।