पलवल। चार साल से रसूलपुर रेलवे पुल निर्माण अधर में पड़ा है। प्रशासन की ढील से परेशान होकर बैसलात क्षेत्र के लोगों ने आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। आदर्श समिति बैसलात ने निर्णय लिया है कि यदि जल्द ही रेलवे पुल का निर्माण पूरा नहीं हुआ तो पलवल में रेलमार्ग को जाम कर दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में आंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया जा रहा है। समिति का कहना है कि केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर व विधायक दीपक मंगला से दर्जनों बार पुल का निर्माण पूरा कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। ऐसे में आंदोलन के लिए समिति ने बैसलात के सभी गांवों के सरपंचों से संपर्क साधना शुरू कर दिया गया है। बीते चार साल में सिर्फ 30 फीसदी ही काम हुआ है।
समिति के अध्यक्ष डॉ. हरित बैंसला ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा है कि उन्होंने आरटीआई व अन्य साधनों के माध्यम से रेलवे पुल के निर्माण के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की है, लेकिन अधिकारियों द्वारा कोई जबाब नहीं दिया जा रहा है। मंत्री, सांसद और विधायक दिलासा देने के अलावा कोई सख़्त कदम नहीं उठाते हैं, ना ही इसे पूरा करने के प्रयास कर रहे हैं। आदर्श समिति ने कहा है कि या तो सक्रियता से काम पूरा किया जाए, वरना पूरा बैसलात रेल की पटरी पर उतर आएगा। समिति ने सुझाव दिया है कि जब तक प़ुल ना बने, तब तक फाटक का स्थान बदल कर ख़ाली पड़े स्थान से वन-वे का रास्ता तैयार कर रास्ता दिया जाए।
पुल निर्माण नहीं होने से बैसलात क्षेत्र का कर्मचारी वर्ग, इलाज के लिए जाने वाले रोगी, शिक्षा के लिए पलवल जाने वाले युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ती है। इसके लिए उन्हें तकरीबन 15 किलीमीटर की लम्बी दूरी तय कर ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे रास्तों से गुजरना पड़ता है हैं। असावटा फाटक पर लगे घंटो के जाम के कारण कई बार गर्भवती महिला और बीमार व्यक्ति रास्ते में ही दम तोड़ चुके हैं।
डॉ. हरित बैंसला ने कहा कि सभी गांवो के सरपंच से संपर्क साधा गया है। जल्दी सभी गांवो में पंचायत कर निश्चित तारीख़ के बाद जिला आयुक्त के द्वारा परिवहन मंत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौपेंगे। यदि इसके बाद भी कार्यवाही नही होती हैं तो सभी एकजुट होकर रेलमार्ग को जाम करेंगे।
पलवल में सोशल मीडिया पर लोगों से आंदोलन से जुड़ने की अपील करते डॉ.हरित बैंसला।