01श्चड्डद्यश्च9- बारिश के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगा लंबा जाम।
01श्चड्डद्यश्च10- बारिश के बाद पुराना जीटी रोड हुआ जलमग्न।
01श्चड्डद्यश्च11- किठवाड़ी चौक पर हुए जलभराव के गुजरते वाहन।
01श्चड्डद्यश्च12- रसूलपुर रेलवे पुल के समीप जलभराव में ऑटो खराब होने से भीगते छात्र।
-
तमाम सड़कें हुईं जलमग्न, लोगों के घरों में घुसा पानी
जलभराव में स्कूली वाहन खराब होने से बारिश में भीगते रहे छात्र
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। सोमवार दोपहर हुई बारिश के कारण पूरा शहर जलमग्न हो गया। हर सड़क व गली पर केवल पानी ही पानी दिखाई दिया। बारिश ने नगर परिषद के तमाम इंतजामों की पोल खोल कर रख दी। राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य सड़कों पर कई-कई फुट पानी भर गया। हालत ये रहे कि लोगों के घरों तक में पानी भर गया। जलभराव के कारण शहर की गति थम सी गई। राजमार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इसके अलावा पुराना जीटी रोड पर भी जाम से बुरा हाल रहा। बारिश बंद होने के बाद घंटों तक वाहन जाम में फंसे रहे। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली विद्यार्थियों को हुई। छुट्टी होते ही शुरू हुई बारिश के कारण बच्चे भीगते रहे। जलभराव में ऑटो, गाड़ी व स्कूली वाहन खराब हो गए, जिससे बच्चों को भारी परेशानी हुई।
सोमवार दोपहर को करीब दो बजे बारिश शुरू हुई। बारिश शुरू होने के साथ ही सड़कों पर जलभराव होने लगा। करीब आधेे घंटे की बारिश में ही पूरा शहर जलमग्न हो गया। शहर के मुख्य मार्ग पलवल-मोहना रोड, सब्जी मंडी रोड, रेलवे रोड, माल गोदाम रोड, पुराना जीटी रोड, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी रोड जलमग्न हो गए। इसके अलावा शहर की कृष्णा कॉलोनी, शिव कॉलोनी, मोहन नगर, कैलाश नगर, प्रकाश विहार कॉलोनी, शमशाबाद, सल्लागढ़, लोहागढ़, कुसलीपुर, दया बस्ती, रामनगर, तुहीराम कॉलोनी, देवनगर जलभराव हो गया। यहां तक कि राष्ट्रीय राजमार्ग भी पानी से डूब गया। जलभराव से सरकारी कार्यालय भी नहीं बच सके। बारिश के बाद पशु अस्पताल, पुराना कोर्ट परिसर, जिला नागरिक अस्पताल, विश्राम गृह, लघु सचिवालय व न्यायिक परिसर का मुख्य द्वार, बस अड्डा, जिला खाद्य एवं आपूर्ति गोदाम में भी जलभराव हो गया। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण कई घंटों बाद भी यह पानी नहीं निकल पाया, जिससे आमजन के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
नहीं काम आए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
प्रशासन ने बारिश के पानी की निकासी के लिए विभिन्न स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाए हुए हैं। इनमें लघु सचिवालय, जिला न्यायिक परिसर, लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह सहित अन्य जगह शामिल हैं, लेकिन इसके बावजूद जलभराव की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सफाई के अभाव में पूरी तरह से जाम हो गए हैं या फिर उन्हें उचित स्थान पर नहीं लगाया गया है। केजीपी-केएमपी एक्सप्रेसवे पुलों के नीचे लगे हार्वेस्टिंग सिस्टम भी कई घंटों बाद पानी को सोख पाए।
-
कई किलोमीटर लगा रहा जाम
सोमवार दोपहर को शहर के तमाम चौराहे जाम हो गए। सबसे बुरी हालत आगरा चौक पर रही। यहां से पुराना जीटी रोड की तरफ जाने वाली लाइन पूरी तरह से रुक गई, जिसके कारण होडल की तरफ कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। करीब एक घंटे तक वाहन जाम में फंसे रहे। जाम के आगे पुलिस प्रशासन भी बेबस नजर आया। लोग कॉलोनियों व छोटी गलियों से वाहनों को ले जाकर अपने घरों तक पहुंचे। घंटों स्कूली वैन व बस जाम में फंसी रहीं। किठवाड़ी चौक व बस स्टैंड चौक पर काफी समय तक जाम लगा रहा।
बारिश के कारण कई स्थानों पर घरों तक में पानी भर गया। शिव कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी, दया कॉलोनी, मोती कॉलोनी व आर्य नगर में लोगों के घरों में पानी भर गया। लोग घरों के अंदर भरे पानी की निकासी का इंतजाम करते रहे। इस दौरान लोगों में नगर परिषद व जिला प्रशासन के प्रति भारी रोष दिखाई दिया। लोगों ने कहा कि सफाई के नाम पर करोड़ों खर्च किए जाते हैं, परंतु हल्की बारिश होते ही तमाम इंतजाम हवा हो जाते हैं।