राशि आवंटन में भेदभाव का आरोप लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिला परिषद सदस्यों की बैठक सोमवार को जिला परिषद कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में सदस्यों ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। हंगामे के बाद 10 सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार किया। ग्रांट आवंटन को लेकर पार्षदों ने गहरा रोष जताया। आरोप था कि दो वार्डों को विकास के लिए एक-एक करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई, जबकि तीन वार्डों को एक रुपया भी नहीं दिया गया है। बैठक में मौजूद महिला सदस्यों के पति को बाहर निकाल दिया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद की चेयरपर्सन आरती रावत ने की, जबकि संचालन जिला परिषद के कार्यकारी अधिकारी जितेन्द्र कुमार ने किया।
बैठक का बहिष्कार कर बाहर आए सदस्य बलराम, हेमलता, अजीत रावत, चन्द्रकांता, पुष्पा, अंजू, उमेश, हरवंश, रेखा और मीणा ने बताया कि विकास कार्यों के लिए आवंटित की गई राशि में भेदभाव किया गया है। बंटवारे पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कई पार्षदों ने इसमें भ्रष्टाचार की बात कही। पार्षद कुलवीर देशवाल ने सदस्यों पर रुपये लेने के आरोप लगाए। आरोपों से बौखलाए पार्षदों ने कहा कि वे नाम उजागर करें। नाम उजागर नहीं करने पर 10 पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। बैठक में जिला परिषद चेयरमैन आरती रावत, वाइस चेयरमैन वीरेन्द्र सिंह, कुलवीर देशवाल, गायत्री, तबुस्सम, आरिफा वकार, राजेश, यामीन, सतीश सहित 10 पार्षदों के मौजूद होने की बात कही गई।
जिला परिषद के सीईओ जितेन्द्र कुमार ने बताया कि बैठक में चेयरमैन के पक्ष में समर्थन रहा। सर्वसम्मति से चेयरमैन को विकास कार्यो के लिए राशि आवंटन करने का अधिकार दिया गया। विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की गई है और सभी पार्षदों को विकास कार्यों की लिस्ट देने के लिए कहा गया है।