सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक से बचें, जिला नागरिक अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम मौजूद
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संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। गर्मी और उमस बढ़ने के कारण सांप बिलों से बाहर निकलने लगे हैं, जिससे सर्पदंश की घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है। दो दिनों में आठ वर्षीय बच्चे व दो महिलाओं को सांप ने डसा। बच्चे और एक महिला की हालत गंभीर बताई गई, जबकि दूसरी महिला की स्थिति में सुधार है।
बृहस्पतिवार को गांव बंचारी स्थित ईंट भट्ठे पर रजनी को ब्लैक कोबरा ने काट लिया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला नागरिक अस्पताल पलवल रेफर कर किया गया। वहीं, बिछोर के पास स्थित ईंट भट्ठे पर आठ वर्षीय मो. हुसैन भी सर्पदंश का शिकार हो गया। उसे भी पलवल रेफर किया गया। इमरजेंसी प्रभारी डॉ. मनोज ने बताया कि बुधवार को गांव भिडूकी निवासी सुनीता खेत में चारा काटने गई थी, जहां सांप ने उसे डस लिया। उन्होंने बताया कि समय पर उपचार मिलने से उसकी हालत सामान्य है।
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वनकर्मी ग्रामीणों को सांप निकलने की सूचना तत्काल देने और सांप के डसने के बाद पीड़ित को तत्काल अस्पताल ले जाने की सलाह दे रहे हैं। झाड़-फूंक के चक्कर में नहीं पड़ने को कहा जा रहा है। -जुगल किशोर, सब इंस्पेक्टर, वन विभाग
जिला नागरिक अस्पताल में सर्पदंश के मरीजों के उपचार की पूरी व्यवस्था उपलब्ध है। अस्पताल में आवश्यक एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन और दवाइयां पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। मरीजों को तुरंत लेकर पहुंचे। -डॉ. संजय शर्मा, एसएमओ, जिला नागरिक अस्पताल
सर्पदंश से बचाव के उपाय
-खेत में काम करते समय जूते पहने
-रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का उपयोग करें
-झाड़ियों, लकड़ी या पत्थरों के ढेर में हाथ न डालें
-घर के आसपास साफ-सफाई रखें
-सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें
-सांप दिखने पर दूरी बनाए रखें और छेड़छाड़ न करें
-बच्चों को खेत-झाड़ियों से दूर रखें