पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में केेएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहे धरने के 16वें दिन दीनबंधु चौधरी छोटूराम की जयंती मनाई गई। धरनास्थल पर किसानों ने उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। वसंत पंचमी पर शादियां होने के बावजूद धरनास्थल पर सैकड़ों किसान पहुंचे। 52 पाल के अध्यक्ष अरुण जेलदार की अध्यक्षता में आयोजित धरने की अध्यक्षता बीर सिंह ने की, जबकि संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। मंगलवार को चौधरी छोटूराम द्वारा किसानों के लिए किए गए कार्यों के बारे में अवगत कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि छोटूराम सच्चे किसान हितैषी थे। इस दौरान 18 फरवरी को रेल रोकने को लेकर भी रूपरेखा तैयार की गई।
मास्टर महेंद्र चौहान ने कहा कि चौधरी छोटूराम ने अंग्रेजी सरकार को गेहूं का सरकारी रेट बढ़ाने के लिए मजबूर कर दिया था। उन्होंने जमींदारी प्रथा को समाप्त कराया। मंडी व्यवस्था और सहकारी बैंक भी स्थापित करवाए थे। राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि चौधरी छोटूराम ने गरीब, किसान और जनता के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। उन्होंने किसान व मजदूरों को कभी न तो जातियों में बांटा और न धार्मिक आधार पर किसी के साथ भेदभाव किया। उन्होंने कहा कि सरकार हठ छोड़े और किसानों की मांगों को स्वीकार करे। किसान आंदोलन की गंभीरता को सरकार समझें और सहानुभूति पूर्वक विचार करके तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करे और किसानों के भविष्य के लिए एमएसपी का कानून बनाए। धरने को धर्मचंद घुघेरा, राजकुमार ओहलियान, राजेश बहीन, सोहनपाल, ऋषिपाल चौहान, राहुल तंवर, रणधीर चौहान सहित अन्य ने संबोधित किया।
सरकार को हठधर्मिता छोड़नी होगी
18 फरवरी को संयुक्त किसान मोर्च के आह्वान पर रेल रोकने को लेकर किसानों ने रूपरेखा तैयार करने में लगे रहे। रेलवे ट्रैक जाम करने के लिए 52 पालों के अध्यक्ष-पंच, खापों के प्रधान व किसान संघर्ष समिति की बैठक में रूपरेखा बनाई जाएगी। आपसी सहमति से तैयार की जाने वाली रूपरेखा को के आधार पर आगे की रणनीति तैयार कर काम किया जाएगा। अध्यक्ष अरुण जेलदार ने बताया कि जिस तरह से राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया गया, उसी तरीके से रेलवे ट्रैक जाम किया जाएगा। सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़नी होगी और किसानों की मांगो को पूरा करना होगा।
काम के समय भी जुटे रहेंगे किसान
किसान नेताओं ने कहा कि आने वाले दिन किसान कृषि कार्यों में व्यस्त रहेगा। किसानों की व्यस्तता के बाद भी धरना चलता नियमित रूप से जारी रहेगा। मध्यप्रदेश से आए किसान भी धरना में शामिल हो रहे हैं। किसान अपनी मांगो पर अड़े रहेंगे। किसान धरना और प्रदर्शन में पहले की तरह मजबूती के साथ डटे हुए हैं। किसानों ने धरनास्थल पर तमाम सुविधाओं के इंतजाम किया हुआ है।
पलवल में धरना स्थल मौजूद किसान।- फोटो : Palwal