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चुनावों में महिलाओं के आरक्षण वाले प्रस्ताव को चुनौती

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पलवल। पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में महिलाओं के लिए सरकार द्वारा 50 फीसदी पद आरक्षित करने के प्रस्ताव को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में चुनौती दे दी गई है। पूर्व विधायक करण सिंह दलाल के पुत्र दीप करण दलाल एडवोकेट ने याचिका दायर की है।
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बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बात करते हुए दीपकरण दलाल ने बताया कि याचिका पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा और न्यायमूर्ति अरुण पल्ली की पीठ ने ग्राम पंचायतों की दो पूर्व सदस्यों कैलाश बाई और स्नेह लता की याचिका पर राज्य सरकार से 20 अप्रैल तक रुख स्पष्ट करने को कहा है। दलाल ने बताया कि दोनों महिलाओं ने हरियाणा पंचायती राज (द्वितीय संशोधन) अधिनियम 2020 के विरुद्ध अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इस कानून के तहत गांव के मतदाताओं को अपने प्रतिनिधियों को वापस बुलाने का अधिकार भी दिया गया है। दोनों महिलाओं की ओर से वे पेश हुए थे। उन्होंने अदालत में कहा कि पंचायत की सीटों में महिला उम्मीदवारों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान उनके पुरुष समकक्षों के विरुद्ध भेदभावपूर्ण है।
महिला के अलावा अन्य व्यक्ति को संशोधन के तहत परिभाषित नहीं किया गया है और इसमें तार्किक रूप से पुरुष और ट्रांसजेंडर शामिल होंगे और महिलाओं को बाहर रखा जाएगा। इस प्रकार का संशोधन महिला उम्मीदवारों को विषम संख्या वाले वार्डों से चुनाव लड़ने से रोकता है।
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