पलवल। आर्य समाज अलावलपुर के तत्वावधान में कवि भमबोली पहलवान की पुण्यतिथि को प्रेरणा दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक हवन के साथ हुई, जिसमें ग्रामीणों ने आहुति डालकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। यज्ञ के ब्रह्मा और राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष युवा वैदिक प्रवक्ता राजदेव आर्य ने इस अवसर पर कहा कि भमबोली पहलवान जैसे व्यक्तित्व सदियों में कभी-कभी ही जन्म लेते हैं। उन्होंने कहा कि पहलवान ने महर्षि दयानंद सरस्वती की शिक्षाओं को न केवल पढ़ा, बल्कि उसे अपने जीवन में जिया। वे एक निर्भीक योद्धा, निष्पक्ष न्यायकारी पंच और एक ऐसे विद्वान कवि थे, जिनकी रचनाओं ने ग्रामीण अंचल की पहचान पूरे देश में बनाई। इस अवसर पर भमबोली पहलवान और उनके गुरु रंगलाल पहलवान की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। हवन में मुख्य यजमान की भूमिका पहलवान जी के पौत्र ऋषिपाल तेवतिया ने निभाई। इस दौरान ओमपाल तेवतिया, अतर सिंह,राज सिंह सोलंकी, राजवीर नंबरदार,बेगराज, बृजपाल आदि मौजूद थे। संवाद