2014 से 2016 तक सरकारी स्कूलों में फर्जी दाखिले का मामला, गर्मियों की छुट्टियों में हेडमास्टर रिकॉर्ड जुटाने में व्यस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। जिले के सरकारी स्कूलों में वर्ष 2014-15 और 2015-16 में हुए कथित फर्जी दाखिलों की सीबीआई जांच शुरू हो गई है। इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने शिक्षा विभाग से जिले के सभी 604 सरकारी स्कूलों के पहली से आठवीं कक्षा तक मिड-डे मील, छात्रवृत्ति और वर्दी भत्ता से जुड़ा विस्तृत रिकॉर्ड मांगा है। अब गर्मियों की छुट्टियों में हेडमास्टर रिकॉर्ड जुटाने में व्यस्त हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार बघेल के अनुसार, निदेशालय के निर्देश पर सभी स्कूलों के हेडमास्टरों को रिकॉर्ड जुटाकर जल्द से जल्द विभाग को सौंपने के आदेश जारी किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सूचना न देने वाले स्कूलों के मुखिया जांच के दायरे में आ सकते हैं। जानकारी के अनुसार, गर्मियों की छुट्टियों के बावजूद स्कूलों में शिक्षक और स्टाफ रिकॉर्ड तैयार करने में लगे हुए हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में भी सीबीआई की ओर से जिले के कई स्कूलों को नोटिस मिले थे, जिसके तहत मिड डे मील प्रभारियों से पूछताछ की गई थी।
यह है मामला
वर्ष 2013-14 से पहले सरकारी स्कूलों में बच्चों का दाखिला ऑफलाइन होता था। लेकिन, 2013-14 में एमआईएस पोर्टल लागू होने के बाद आधार कार्ड की अनिवार्यता के कारण कई बच्चों का पंजीकरण नहीं हो सका। आरोप है कि इस दौरान फर्जी नामों से बच्चों का दाखिला दिखाकर मिड-डे मील, छात्रवृत्ति और अन्य योजनाओं का लाभ उठाया गया। सीबीआई ने इसी संदर्भ में शिक्षा निदेशालय को वर्ष 2014-15 और 2015-16 के रिकॉर्ड मांगे हैं ताकि फर्जी नामों और योजनाओं के दुरुपयोग की जांच की जा सके।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई
सीबीआई के नोटिस के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी 604 स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं कि वे छात्रों के नाम, मिड-डे मील, यूनिफॉर्म और छात्रवृत्ति संबंधित पूरा डेटा एकत्रित कर समय पर निदेशालय को सौंपें। जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार बघेल ने कहा कि स्कूलों के मुखियाओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे रिकॉर्ड एकत्र कर समय पर भेजें। विभाग इस जांच को गंभीरता से ले रहा है और सहयोग में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। जांच की गंभीरता को देखते हुए यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी कई स्कूल जांच के घेरे में आ सकते हैं। सीबीआई द्वारा इस तरह की जांच प्रदेश के अन्य जिलों में भी शुरू की गई है।