पलवल। कोरोना संक्रमित मरीजों से सरकार द्वारा तय रेट से अधिक बिल वसूलने वाले तीन निजी अस्पताल संचालकों के खिलाफ कैंप थाना पुलिस ने आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमा रवि रावत वकील द्वारा अदालत में दायर इस्तगासा के आधार पर दर्ज किया गया है। अदालत इस्तगासा पर पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
अदालत में दायर इस्तगासा में रवि रावत द्वारा कहा गया कि गुरूनानक अस्पताल द्वारा अधिक बिल वसूला तथा बाद में उनकी मां को छुट्टी दे दी। उसके बाद वह अपने एक साथी की मदद से पलवल के सचिन अस्पताल, गैलेक्सी अस्पताल और एपेक्स अस्पताल में अपनी मां का उपचार कराने के लिए गया, लेकिन तीनों अस्पताल संचालकों ने कोविड मरीज होने के चलते उनसे 70 से 75 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मांगे तथा उनके वकील होने की जानकारी मिलने पर उनकी मां को दाखिल करने से मना कर दिया।
रवि रावत द्वारा दायर इस्तगासा में अस्पताल संचालकों पर अन्य मरीजों से भी तय रेट से अधिक बिल वसूलने के आरोप लगाए। उन्होंने अदालत में मरीजों से वसूले गए बिल तथा मरीजों के परिजनों के बयान भी कराए। जिस पर अदालत ने पुलिस को इस्तगासा के आधार पर सचिन अस्पताल के डाक्टर सचिन, एपेक्स अस्पताल के डाक्टर अभिषेक जैन व गलैक्सी अस्पताल के डाक्टर नदीम के खिलाफ धारा-384, 188, 269, 120बी व आपदा प्रबंधन एक्ट की धारा 51बी के तहत मामला दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने अस्पताल संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इस मामले में जिला बार एसोसिएशन के प्रधान दीपक चौहान ने कहा कि इनके खिलाफ केस दर्ज होने के बाद अस्पताल संचालकों द्वारा उनके वकील साथी को धमकाने के आरोप में भी पुलिस को शिकायत दी गई है। दीपक चौहान ने कहा कि वो जिला प्रशासन से मांग करते है। ऐसे लोगो के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए और जल्द इनके लाइसेंस रद्द किए। वहीं इस मामले पर पलवल कैंप थाना प्रभारी राधेश्याम ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मामले में तीनो अस्पताल संचालको के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और मामले की गहनता से जाँच की जा रही है। जाँच में जो भी दोषी पाया जाता है। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।