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Palwal News: चोरी के ट्रैक्टरों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर किसानों को बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़

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05पीएएलपी7- सीआईए की गिरफ्त में ट्रैक्टर चोर गिरोह का सदस्य वसीम।
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05पीएएलपी8- गिरोह से बरामद किए गए ट्रैक्टर।

छह ट्रैक्टर बरामद, गिरोह का एक सदस्य काबू, तीन अन्य के नाम आए सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। मध्य प्रदेश, यूपी व राजस्थान से चोरी किए गए ट्रैक्टरों के फर्जी कागजात तैयार कर किसानों को लाखों में बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सदस्य को काबू किया है। गिरोह द्वारा किसानों को बेचे गए करीब 50 लाख रुपये कीमत के छह ट्रैक्टरों को पुलिस ने बरामद किया है। पकड़े गए आरोपी ने ट्रैक्टर चोरी करने वाले व फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले तीन लोगों के नामों का खुलासा किया है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ हरियाणा, गुजरात के थानों में 10 से ज्यादा मुकदमे ट्रैक्टर चोरी के दर्ज पाए गए हैं।
डीएसपी मुख्यालय साकिर हुसैन ने बताया कि गांव कुलैना निवासी गंगाधार ने चांदहट थाना में शिकायत दर्ज कराई है कि साल 2016 में उन्होंने हसनपुर के गांव नंगला कानपुर निवासी वसीम से न्यू होलेंड 4710 ट्रैक्टर ढाई लाख रुपये में खरीदा था। ट्रैक्टर को खरीद कर वे उससे अपना कृषि कार्य करने लगे। अब वे इस ट्रैक्टर को बेचना चाहते थे तो उन्होंने ऑनलाइन चेक कराया तो उनके ट्रैक्टर का नंबर फार्म ट्रैक ट्रैक्टर 60 का था, जबकि उसके द्वारा दिए गए दस्तावेज में ट्रैक्टर न्यू होलेंड लिखा था। फर्जीवाड़े का पता चलने पर उन्होंने मामले की शिकायत चांदहट थाना पुलिस को दी। मामले की जांच अपराध जांच शाखा पलवल को सौंपी गई।
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पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी वसीम को गिरफ्तार कर सात दिन की रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान आरोपी वसीम ने बताया कि वह पिछले लंबे समय से ट्रैक्टर चोरी कर उनके फर्जी दस्तावेज तैयार कराता है तथा उनको लाखों रुपये में किसानों को बेच देता है। उसके साथ इस गिरोह में मध्य प्रदेश के सिहोर जिला निवासी बाबूलाल, यूपी के जिला मथुरा के फराह निवासी फतेह सिंह व जिला नूंह के सिंगार गांव निवासी जावेद भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
ऑनलाइन आरसी डाउनलोड कर बदल दिया जाता है नाम
अपराध जांच शाखा प्रभारी इंस्पेक्टर मोहम्मद इलियास के अनुसार, आरोपी वसीम ने बताया कि लंबे समय से वह ट्रैक्टर चोरी गिरोह से जुड़ा हुआ है। एमपी निवासी बाबूलाल व यूपी निवासी फतेह सिंह ट्रैक्टर चोरी कर उसके पास पहुंचाते हैं। उसके बाद जावेद ट्रैक्टर की नकली आरसी तैयार करता है। आरोपी ट्रैक्टर का नंबर डालकर ऑनलाइन आरसी डाउनलोड कर लेता है। उसके बाद उसमें मालिक का नाम व पता बदल दिया जाता है। ट्रैक्टर की बाकी जानकारी वही रहने से किसान शक नहीं कर पाते और उनसे ट्रैक्टर खरीद लेते हैं। आरोपी ट्रैक्टर बेचते समय तहसील में जाकर स्टांप व अन्य दस्तावेज ऑरिजनल खरीदते हैं, ताकि किसान को शक न हो। सेल लेटर पर ट्रैक्टर को किसान को बेच दिया जाता है।
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जांच अधिकारी एएसआई मेहरचंद ने बताया कि आरोपी वसीम का आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने पर 10 मुकदमे दर्ज पाए गए हैं। आरोपी पर हरियाणा के सोनीपत, गोहाना, बरोदा, गुजरात के बड़ोदा व राजस्थान के विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी के साथ फतेह सिंह भी कई बार जेल जा चुका है। जेल से बाहर आते ही वे फिर से ट्रैक्टर चोरी का काम शुरू कर देते हैं। करीब 10 साल से आरोपी इस कार्य को कर रहे हैं। अब आरोपियों ने 40 से अधिक ट्रैक्टर चोरी कर किसानों को बेचे हैं।
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