कोट गांव में पेयजल संकट से ग्रामीण परेशान, दूर से लाना पड़ रहा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बहीन। जिले के कोट गांव में पेयजल संकट से ग्रामीण परेशान हैं। गांव के कई हिस्सों में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं होने के कारण लोगों को टैंकर मंगवाने, आरओ प्लांट से पानी खरीदने या दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल पहुंचाने के दावे के बावजूद उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, कुकला पट्टी में पानी का बूस्टर बनाया गया है, लेकिन महीनों से इसमें पानी नहीं पहुंच रहा। देखरेख के अभाव में बूस्टर परिसर में गंदगी है और स्थानीय लोगों ने यहां अतिक्रमण भी कर रखा है। किसी ने भैंस बांध रखी है तो किसी ने ईंधन के लिए लकड़ियां डाल रखी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पेयजल की समस्या किसी एक मोहल्ले तक सीमित नहीं है।
अधिकारी का वर्जन
कोट गांव के बाहर बड़ा पानी स्टेशन बनाया गया है। यमुना किनारे बोरिंग का काम चल रहा है, जिसके कारण पीछे से पानी की आपूर्ति में अभी समय लग रहा है। मार्च-अप्रैल तक पूरे गांव में पानी की सप्लाई सुचारू हो जाएगी।- विनय चौहान, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग
ग्रामीणों से बातचीत
गांव के ज्यादातर हिस्सों में पानी खारा है। पीने के लिए लोगों को दूर से पानी लाना पड़ता है या आरओ प्लांट से पानी खरीदना पड़ता है। - अब्बास फौजी
अधिकतर लोगों ने घरों में पानी की टंकियां बनवा रखी हैं। पानी की जरूरत पूरी करने के लिए 1500 से 2000 रुपये में टैंकर मंगवाना पड़ता है। - अख्तर
पुन्हाना की ओर जाने वाली रेनीवेल लाइन में हवा निकालने वाले वाल से पानी निकलता रहता है। लोग मजबूरी में वहीं से पानी भरकर घर ले जाते हैं। अयूब
कमी के कारण एक से दो किलोमीटर दूर पानी लेने जाना पड़ता है। रोजमर्रा के काम के लिए पानी की व्यवस्था करना ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो गया है। - जाहिद