सार्वजनिक विकरण प्रणाली के तहत खंड में डिपो होल्डरों के माध्यम से प्रतिमाह आठ हजार क्विंटल गेहुं वितरण के लिए आता है। लेकिन अधिकांश स्थानों पर पिछले तीन माह का गेहुं वितरित नहीं किया गया है। इसमें बड़ा घोटाला हो सकता है। शहर के बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मामलों को ग्रीवेंस कमेटी में उठाने की बात कही है।
सरकार द्वारा दो रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से उपभोक्ताओं को वितरण के लिए गेहुं भेजा जाता है। लोगों का आरोप है कि डिपो होल्डर इसे महंगी दरों पर काला बाजारी कर बेच रहे हैं।
बीजेपी समरसता सेल के क्षेत्रीय संयोजक मोतीराम शर्मा ने बताया कि डिपो होल्डर मार्किट में गेहुं की कालाबाजारी कर मोटा मुनाफा कमाने में लगे हैं। यह सब बिना विभाग के अधिकारियों व स्टाफ की मिलीभगत के नहीं हो सकता।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मुताबिक मार्च माह में वितरित होने वाले गेहुं का उठान 8 मार्च से पहले हुआ था। जबकि अप्रैल में वितरित होने वाले गेहूुं का उठान 25 से 31 मार्च तक किया गया था। अप्रैल माह में नए गेहुं की आवक की वजह से ज्यादातर लोगों ने डिपो होल्डरों पर ध्यान नहीं दिया। मई माह का गेहुं भी काला बाजारी में चला गया।
हथीन ब्लॉक के गांव आलीमेव, अंधोप, भीमसीका, जलालपुर, मलाई, मोहदमका, जनाचौली, मठेपुर, जराली, भूडपुर, बाबूपुर, अंधरौला, मीठाका, बहीन, नांगलजाट, पचानका व अन्य कई गांवों के कई डिपो होल्डरों पर गेहुं की काला बाजारी करने का आरोप है। गांव आलीमेव के निवासी शकरुल्ला, समीना, वसीम, बाबूलाल, जमशेद व रफीक का कहना है जब वे अपने गांव के डिपो होल्डर के पास गेंहूं लेने गए तो उन्हें टाल दिया गया।
बीजेपी नेता मोतीराम शर्मा का कहना है कि इस मामले को 16 जून को ग्रीवेंस कमेटी की बैठक के दौरान खाद्य व आपूर्ति मंत्री कर्णदेव कांबोज के समक्ष उठाया जाएगा। वहीं इस मामले में जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक सीमा शर्मा का कहना है कि उनके पास शिकायतें आई हैं। जिन गांवों की शिकायतें मिली हैं, उनकी जांच कराई जाएगी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।