एक तरफ सरकार व सामाजिक संस्थाएं ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा देकर लड़कियों को बचाने में जुटी हैं, तो दूसरी तरफ समाज में ऐसे भी लोग हैं, जो बेटियों से पीछा छुड़ाने में लगे हैं।
ऐसा ही नजारा सोमवार सुबह होडल रेलवे स्टेशन से मात्र कुछ ही दूरी पर करमन रेलवे फाटक के पास देखने को मिला, जहां कोई दस माह की दूध पीती बच्ची को रेलवे लाइन पर मरने के लिए छोड़ गया।
शुक्र रहा कि कोई ट्रेन नहीं आई और रेलवे कर्मचारी को पटरी का निरीक्षण करते समय रोती हुई बच्ची की आवाज सुनाई पड़ गई। रेलवे पुलिस ने बच्ची को जिला सिविल अस्पताल में रखवा दिया है।
रेलवे पुलिस थाने में तैनात पुलिस अधिकारी भीम सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह रेलवे कर्मचारी करमन रेल फाटक के पास गेट नंबर-551 के पास पटरियों का निरीक्षण करने गए थे।
इस दौरान उन्होंने बच्ची के रोने की आवाज सुनी। उन्होंने पाया कि रेल पटरी के बीचों-बीच करीब दस माह की बच्ची पड़ी है। उन्होंने पास जाकर देखा तो बच्ची के चेहरे पर कुछ चोट के निशान थे। यह देखते ही उन्होंने स्टेशन इंचार्ज व रेलवे पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही स्टेशन इंचार्ज व पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को होडल के सरकारी अस्पताल भिजवा दिया। जहां से उसे पलवल के जिला सिविल अस्पताल में भिजवा दिया गया। अस्पताल में बच्ची का उपचार चल रहा है।
पहचान नहीं हो सकी
भीम सिंह ने बताया कि बच्ची की उम्र लगभग दस माह की है। वह ऊंनी नीले रंग की पाजामी व लाल रंग की टी-शर्ट पहने हुए है। उन्होंने बताया कि बच्ची की पहचान नहीं हो सकी है। रेलवे पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मासूम को रेलवे लाइन पर छोड़ जाने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है।