वहीं, इस धमाके की धीरेंद्र शास्त्री ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी व मजहबी कट्टर सोच रखने वाले तत्व लगातार समाज में तनाव फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे कृत्य उनकी विकृत मानसिकता को दर्शाते हैं। पदयात्रा लगातार जारी रहेगी। जब तक तन में प्राण हैं तब तक भारत और सनातन धर्म के लिए कार्य करते रहेंगे।
शास्त्री ने कहा, हम सनातनियों को कोई रोक नहीं सकता। हमारा लक्ष्य है कि भविष्य में पूरे विश्व में हिंदू सुरक्षित व संगठित रहें, इसके लिए संगठन व एकता अनिवार्य है। पदयात्रा के माध्यम से यही संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, मंगलवार को धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा सुबह 8 बजे नेता जी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम से निकलकर कुशलीपुर, अटोहा मोड, बहरोला, शुगर मिल, बामनी खेड़ा होते हुए मितरौल-तुमसरा पहुंची। मितरौल में ही पदयात्रा का रात्रि ठहराव हुआ। आज पदयात्रा होडल मितरौल से शुरु होकर होडल अनाज मंडी पहुंचेगी।
मंगलवार को धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सभी को सनातन एकता की शपथ दिलवाई। पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का जगह-जगह पुष्प वर्षा और ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया। 12 नवंबर को ‘सनातन एकता पदयात्रा’ मितरौल से चलकर मुंडकटी, बंचारी होते हुए होडल स्थित अनाज मंडी में प्रवेश करेगी। जहां पदयात्रा का रात्रि ठहराव होगा। बृहस्पतिवार 13 नवंबर को यात्रा होडल से कोसी होते हुए उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करेगी। सोमवार को नेता जी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम, सांसद मनोज तिवारी, गिरिराज सिंह, दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ, पूर्व विधायक दीपक मंगला समेत कई लोग मौजूद रहे। सांसद मनोज तिवारी ने ‘हम राम के थे, राम के हैं, हम राम के रहेंगे’ भजन के माध्यम से श्रद्धालुओं में उत्साह और जोश का संचार किया।