पलवल। आशा वर्कर यूनियन की जिला इकाई ने शुक्रवार को जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान आशा वर्करों ने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारी को मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा। धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला उप प्रधान मीना देवी ने की, जबकि मंच का संचालन जगबती डागर ने किया।
सीआईटीयू के जिला प्रधान श्रीपाल सिंह भाटी ने कहा कि आशा वर्करों के मोबाइलों से एमडीएम शिल्ड 360 एप तुरंत हटाया जाए। आशा वर्करों की स्थिति दो फोन रखने की नहीं है। विभाग द्वारा दिए गए फोन में एप डाउनलोड होने के बाद आशा वर्करों की निजी जानकारियों का गलत इस्तेमाल हो सकता है। ज्यादातर आशा वर्करों के पास आईकार्ड नहीं है। इस कारण कोविड-19 के दौरान सर्वे करने में आशा वर्करों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसलिए तत्काल आईकार्ड भी दिए जाएं। इसके अलावा कोविड-19 से मौत होने पर आशा वर्करों के परिवारों को केंद्र सरकार 50 लाख रुपये दे। साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा 10 लाख का बीमा दिया जाए। एक्टिविटी का काटा गया 50 प्रतिशत तुरंत लागू किया जाए। 10 हजार जोखिम भत्ता दिया जाए। आशाओं को ग्राम स्तरीय स्थायी कर्मचारी बनाया जाए। जब तक पक्का कर्मचारी नहीं बनाया जाता, तब तक प्रदेश सरकार न्यूनतम वेतन दे। धरने को रामरती चौहान, राज पांचाल, सीमा देवी, राजबाला, बबली, बबीता, अनीता, प्रीति, सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष लांबा, जिला सचिव योगेश शर्मा, बनवारी लाल व राजेश शर्मा ने भी संबोधित किया।