पलवल। स्वास्थ्य को मौलिक अधिकारों में शामिल करवाने सहित 11 सूत्रीय मांगों के संबंध में सर्व कर्मचारी संघ और जन स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में शुक्रवार को चारों खंडों के कर्मचारियों ने जुलूस निकालकर लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद नायब तहसीलदार अशोक कुमार को मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा गया। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान राजेश शर्मा ने की, जबकि संचालन जिला सचिव योगेश शर्मा ने किया।
प्रदर्शन में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि राज्य का सरकारी स्वास्थ्य ढांचा कोरोना की तीसरी लहर से निपटने में बिल्कुल भी सक्षम नहीं है। सरकारी स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार कर कोरोना महामारी से मजबूती से लड़ा जाए। पहली लहर में निजी अस्पताल बंद कर दिए गए और दूसरी लहर में निजी अस्पतालों ने मरीजों को जमकर लूटा। महामारी के दौरान जान जोखिम में डालकर स्वास्थ्य और सरकारी विभागों के कर्मचारी करोना संक्रमण से लड़े। इसके बावजूद सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर मजबूत करने की बजाय सरकार केवल खोखले दावे कर रही है, जिसकी तीसरी लहर में भारी कीमत आम जनता को चुकानी पड़ेगी।
जिला प्रधान राजेश शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में करीब 35 हजार कर्मचारी हैं। इनमें से करीब 25 हजार अनियमित है। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक अनुसार, ग्रामीण इलाकों में हर नागरिक को संपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए पांच हजार की आबादी पर एक उप स्वास्थ्य केंद्र, 30 हजार की आबादी पर एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 80 हजार से एक लाख की आबादी पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होना चाहिए। फिलहाल, प्रदेश में 2667 उप स्वास्थ्य केंद्र, 532 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 128 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं, जबकि वर्तमान आबादी के हिसाब से 634 उप स्वास्थ्य केंद्र, 81 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 53 सामुदायिक केंद्र की कमी है। उन्होंने कहा कि आबादी के अनुसार, प्रदेश में 714 स्पेशलिस्ट डॉक्टर होने चाहिए, जबकि 27 विशेषज्ञ ही हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 491 डॉक्टर हैं, जबकि 1064 होने चाहिए। अस्पतालों में दवाओं की कमी भी है।
प्रदर्शन को जितेंद्र तेवतिया, बनवारी लाल, देवी सिंह सहेजवाल, हरकेश सौरोत, राजकुमार डागर, बीर सिंह सौरोत, कन्हैया लाल, जोगेंद्र डागर, रमेश चंद्र तेवतिया, राकेश तंवर, उर्मिला रावत, कमला देवी, धर्मबीर देशवाल, शेखर, पहलाद सहित अन्य ने संबोधित किया।