संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। नगर परिषद में निर्माणाधीन रास्तों के निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के मामले को लेकर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम के दौरे के बाद परिषद के अधिकारियों ने दुबारा से काम शुरू करवा दिया। वहीं, शहर के लोगों ने एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों की मिलीभगत के अंदेशे को देखते हुए उच्च न्यायालय जाने का मन बना लिया हैं।
गौरतलब हैं कि नगर परिषद के अधिकारियों ने ठेकेदारों से मिलीभगत कर शहर के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार शुरू कर दिया। इसपर शहर के लोगों ने मुख्यमंत्री नायब सैनी के अलावा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक आलोक मित्तल को शिकायत भेजी थी।शिकायत मिलने के आधार पर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 20 सितंबर को शहर में विभिन्न स्थानों का दौरा कर जांच शुरू कर दी। टीम में शामिल सदस्यों ने लोगों को आश्वासन दिया था कि नगर परिषद कार्यालय खुलने के बाद रिकॉर्ड एकत्रित कर जांच शुरू करेंगे। निर्माण कार्यों की जांच शुरू करने की बजाय टीम के सदस्यों ने निर्माण कार्य शुरू करवा दिया। इस मामले में एडवोकेट हेमंत कुमार जैन व एडवोकेट जितेश अग्रवाल ने कहा कि यदि शहर में विकास कार्यों को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने निष्पक्षता से जांच नहीं की तो वह इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय के समक्ष अपनी शिकायत रखेंगे। उन्होंने कहा कि शहर के लगातार निर्माण कार्यों में नगर परिषद की कार्यकारी अभियंता से लेकर जूनियर इंजीनियर भ्रष्टाचार करने में जुटे हुए हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं हो पाई। उन्होंने इस मामले में अधिकारियों पर ठेकेदारों से मिली भगत करने का आरोप भी लगाया है।
जिला नगर आयुक्त मनीषा शर्मा ने कहा कि विकास कार्यों में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके कार्यालय के द्वारा अपने स्तर पर जांच करवाई जा रही है। निर्माण कार्यों में यदि अनियमितता पाई गई तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्यवाही की जाएगी।