पलवल में गौशाला के संचालक को चारे के लिए सहायता राशि का चैक देते हुए गौसेवा आयोग के चेयरमैन
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पलवल। प्रदेश की गोशालाओं को 300 रुपये प्रति गोवंश के हिसाब से पंजीकृत 462 गोशालाओं को करीब 11 करोड़ 65 लाख रुपये की राशि चारा खरीद के लिए दी जा रही है, जबकि 41 गोशालाओं को शेड बनाने के लिए करीब तीन करोड़, 37 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। उक्त बात हरियाणा गोसेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला ने कही। 2015 से 31 मार्च 2019 की अवधि में करीब 63 करोड़ 64 लाख रुपये गोशालाओं को अनुदान राशि दी गई है। जबकि 2013 से 2014 के दौरान एक करोड़ 90 लाख रुपये गोशालाओं को अनुदान के रूप में दी गई थी।
उन्होंने कहा कि तीन वर्षों में प्रदेश में 250 नई गोशालाएं और नंदीशालाएं खोली हैं। हरियाणा की सभी गोशालाओं में मुख्यमंत्री गोशाला जगमग योजना के अंतर्गत अक्षय ऊर्जा विभाग के माध्यम से गोशालाओं से केवल दस प्रतिशत अंश लेकर सौर ऊर्जा का कार्य प्रगति पर है। गोशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए गोबर व गोमूत्र से गोबर के डंडे या गोबर के गमले, धूपबत्ती टिकिया व गोमूत्र से फिनाइल, गो अर्क व कीट नाशक दवाइयां बनाने के प्रयोग में लाया जा सकता है।
गोबर व गोमूत्र से पदार्थ बनाने वाली मशीनों पर 90 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। गोशालाओं में उपयोग होने वाले वाले सामान पर 90 प्रतिशत अनुदान के रूप में लगभग 23 लाख 25 हजार रुपये की राशि दी गई है। इस अवसर पर हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष मेहरचंद गहलोत,भाजपा जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह सौरोत, हरियाणा गो सेवा आयोग के सदस्य पूरणमल यादव, भाजपा महामंत्री पलवल पवन अग्रवाल, उप निदेशक पशुपालन विभाग डॉ. नीलम आर्य व पलवल गोशालाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।