- होडल अनाज मंडी में किसानों ने मंडी सचिव, खरीद एजेंसियों और आढ़तियों पर मिलीभगत से फसल न खरीदने के लगाए गंभीर आरोप कांग्रेस नेता उदयभान ने सरकार को कहा गूंगी-बहरी
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। शहर की अनाज मंडी में पीआर धान की सरकारी खरीद सुचारू रूप से न होने से नाराज किसानों ने मंडी सचिव व खरीद एजेंसियों के अधिकारियों पर आढ़तियों के साथ मिलीभगत कर फसल की खरीद न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। फसल की खरीद न होने से नाराज किसानों ने प्रधानमंत्री कार्यालय के सोशल मीडिया अकाउंट पर शिकायत दर्ज कराते हुए मंडी अधिकारियों और खरीद एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उदयभान ने प्रदेश की भाजपा सरकार को गूंगी व बहरी सरकार करार दिया है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 22 सितंबर से किसानों की धान फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के आदेश मंडी अधिकारियों को दिए थे। मुख्यमंत्री के आदेशों की अवहेलना करते हुए मंडी अधिकारियों ने खरीद एजेंसियों और आढ़तियों के साथ मिलीभगत कर कमीशन के चक्कर में किसानों की फसल को औने-पौने दामों में खरीदवाया। बृहस्पतिवार को जब न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल की खरीद नहीं हुई तो नाराज किसानों ने प्रधानमंत्री कार्यालय को सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत भेजी।
किसान सुरेंद्र बडगूजर ने शिकायत में कहा कि होडल अनाज मंडी में किसानों का शोषण और धोखाधड़ी की जा रही है। इस कार्य में मंडी अधिकारी, मिलर, आढ़ती और खरीद एजेंसियों के अधिकारी पूरी तरह से शामिल हैं। किसान ने बताया कि उसकी फसल का मूल्य 2389 रुपये की बजाय केवल 2050 रुपये लगाया गया। जब उसने एसडीएम बेलिना लोहान से शिकायत की तो उन्होंने अधिकारियों से बात की और 2100 रुपये में खरीद करने के आदेश दिए।
सुरेंद्र ने बताया कि उनकी फसल की नमी 15 प्रतिशत थी लेकिन वेयरहाउस अधिकारी की मशीन में नमी 22 से 25 प्रतिशत दिखा दी गई। इसके बाद आढ़तियों ने फसल बिक्री के बाद किसान से 2100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान लिया और न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ नहीं दिया।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उदयभान ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार किसान, मजदूर और कमेरे वर्ग के साथ धोखा कर रही है। सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के दावे करती है, लेकिन धरातल पर किसानों की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है।