गांव में तनाव, फोर्स तैनात
इसके बाद हमलावरों ने विजेंद्र पाल के घर जाकर उसके छोटे बेटे सचिन (22 साल) को घर के बाहर बुलाकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी में सचिन घायल हो गया और शौचालय में छुपकर अपनी जान बचाई। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। परिजनों ने बाताय कि हमलावर तीन मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए थे।
मौके पर ही हो गई विजेंद्र पाल की मौत
पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार विजेंद्र पाल सोमवार सुबह करीब 9 बजे अपनी पत्नी के साथ चारा लेने गया था। तभी पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने अचानक घेरकर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में विजेंद्र पाल को छह से अधिक गोलियां लगीं। जिसके कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपियों ने केवल विजेंद्र पाल को ही निशाना नहीं बनाया बल्कि उसके बेटे सचिन को भी घर से बुलाकर गोली मारने का प्रयास किया। गंभीर रूप से घायल सचिन को जिला नागरिक अस्पताल लाया गया। जिसके बाद उसे सरवोदय बीके अस्पताल फरीदाबाद में रेफर कर दिया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
पुलिस ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही कैंप थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
20 साल पुरानी थी रंजिश
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हमला पुरानी रंजिश का नतीजा है। करीब 20 साल पहले साल 2005 में विजेंद्र पाल की अपने पड़ोसी से लड़ाई हो गई थी। विजेंद्र पाल पर हत्या का आरोप लगा था, जिसके चलते उसने सात साल की सजा भी काटी थी। गांव वालों का मानना है कि इसी पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए आरोपियों ने 20 साल बाद इस वारदात को अंजाम दिया है।
गांव में दहशत का माहौल
घायल सचिन ने बताया कि हमलावरों में दीपांशु, तुषार, कृष्ण, प्रवीण, साहिल, लालू, सतबीर, कुलदीप, संदीप, जय सिंह, बिपिन, राजवीर, सतीश, अमर सिंह और सौरव शामिल थे। जिन्होंने मिलकर चारों ओर से घेरकर फायरिंग की। वारदात के बाद गांव में दहशत का माहौल है। जिला अस्पताल और गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। खबर लिखें जाने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था। परिजन मांग कर रहे है कि पहले आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएं। इसके बाद ही शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।