पलवल। ओ बेटा देख के खेल, ये कूलर गड्ढा ढकने के लिए उस पर रखा हुआ है, उसे मत छेड़ कहीं उसमें गिर ना जाना। ये बात मंगलवार को सिविल लाइन में एक महिला ने उस बच्चे से कही जो सीवर के टूटे मेनहोल के ऊपर रखे खराब कूलर से खेल रहा था। बच्चे के नहीं मानने पर महिला ने उसका हाथ पकड़कर उसे वहां से दूर किया। शहर में सीवर के मेनहोल खुले पड़े हैं। इन्हें ढकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। लोगों ने इनके ऊपर खुद से ढकने के इंतजाम किए हैं। सिविल लाइन गली के मुख्य द्वार के सामने इस मेनहोल से कभी भी यहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी नगर परिषद और जनस्वास्थ्य विभाग इस समस्या की ओर ध्यान दे रहा है।
पलवल में कई मेनहोल है जो खुले हैं। कहीं ढक्कन टूटे हैं तो कहीं ढक्कन ही गायब है। इनकी सफाई करने के लिए तो जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी आते हैं, लेकिन उन्हें ढकने के लिए ध्यान नहीं दिया जाता है। शहर में बस अड्डे के पास, कमेटी चौक के पास हाउसिंग बोर्ड कालोनी, न्यू कालोनी और सिविल लाइन में इस तरह के कई मेनहोल खुले हैं। लोगों का कहना है कि इस बारे में कई बार इनकी शिकायत जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अलावा उपायुक्त से भी की जा चुकी है। पार्षद को भी कई बार लिखकर दिया जा चुका है।
स्थानीय निवासी नरेंद्र, वीना, राजेश, नवनीत कुमार, मनोहर, सुमेर ने बताया कि खुले मेनहोल हादसों का कारण बन सकते हैं। कई बार दुपहिया वाहन चालक इनके कारण घायल हो चुके हैं। इसके अलावा कई बार छोटे जानवर भी इनमें गिर चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने मांग की है कि इन्हें दुरुस्त कराया जाए और सभी मेनहोल के ऊपर ढक्कन लगवाए जाएं।
पलवल में मेनहोल टूटे हुए हैं, इसकी शिकायत नहीं मिली है। मैं इस बारे में जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात करूंगी और उन्हें दुरुस्त कराने का प्रयास करूंगी। वार्ड पार्षदों को भी मुझसे और अधिकारियों से मिलकर इन समस्याओं को दूर कराना चाहिए। मेरा प्रयास रहेगा कि जहां भी इस तरह की समस्या है, उन्हें दूर कराया जाए।
इंदू भारद्वाज, अध्यक्ष, नगर परिषद पलवल