पलवल। जिले में इस बार खरीफ सीजन किसानों पर भारी पड़ गया। यमुना का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। शनिवार को भी जलस्तर 615.9 मीटर दर्ज किया गया जबकि खतरे का निशान 615 मीटर है। जुलाई से सितंबर तक हुई लगातार भारी बारिश और यमुना के उफान ने जिले के कई गांवों को बाढ़ जैसी स्थिति में धकेल दिया। जलभराव से करीब 12 हजार एकड़ में खरीफ की फसलें पूरी तरह चौपट हो गईं। वहीं, लगभग 4000 एकड़ भूमि पर अब रबी की बिजाई की संभावना भी खत्म हो चुकी है। बाजरा, कपास, धान, गन्ना, ज्वार, मूंग और सब्जियों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।
किसानों का कहना है कि इस बार की तबाही ने उनकी मेहनत और उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। कई गांवों के किसान बताते हैं कि अब तक ऐसा नुकसान उन्होंने कभी नहीं देखा। खेतों में फसल के बजाय सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है।
खेतों में दस फीट तक पहुंचा पानी
गांवों के खेतों में पानी का स्तर इतना बढ़ गया है कि जगह-जगह 10 फीट तक पानी भरा हुआ है। किसान अपने खेतों तक पहुंचने के लिए ट्यूब की मदद से तैरते हुए जा रहे हैं। किसानों के लिए खेतों तक पहुंचना बेहद कठिन हो गया है। गांवों में लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। संयुक्त किसान मोर्चा और किसान सभा जिला कमेटी पलवल ने शनिवार को घोड़ी, गुरवाड़ी, प्रहलादपुर और बलई गांवों का दौरा किया। नेताओं ने किसानों से बातचीत कर नुकसान का आकलन किया। उनका कहना था कि जैसे पराली जलाने पर सैटेलाइट से पहचान कर तुरंत कार्रवाई होती है, वैसे ही फसलों के नुकसान की पहचान कर उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
संयुक्त किसान मोर्चा की प्रमुख मांगें
संयुक्त किसान मोर्चा ने 10 और 11 सितंबर को उपायुक्त कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन की घोषणा की है। मोर्चा नेताओं ने विभिन्न गांवों जिनमें घोड़ी, गुरवाड़ी, प्रहलादपुर, बलई में दौरा कर किसानों से संपर्क किया, किसान मोर्चा की टीम में मोर्चा के नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, सोहनपाल चौहान,तारा चंद प्रधान, रूप राम तेवतिया और बाबू डायरेक्टर शामिल थे। किसानों की मांग सरकार प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा तय करे। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी फसलें मेरी फसल मेरा ब्यौरा और क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज कराएं ताकि उन्हें नुकसान का उचित मुआवजा मिल सके। मोर्चा ने यह भी मांग की है कि रबी फसल की तैयारी के लिए किसानों को बीज और खाद उपलब्ध कराई जाए तथा सभी प्रभावित किसानों का पंजीकरण कर उनकी फसल क्षति का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाए।
मोहना-बागपुर सड़क काटने से बढ़ा पानी का बहाव, तेज धारा में गिरी बुजुर्ग महिला, ग्रामीणों ने बचाया
रस्सी के सहारे हो रहा सामान का आदान-प्रदान, नदी जैसे बहाव से सहमे लोग
पलवल। शुक्रवार को प्रशासन ने मोहना से बागपुर समेत खादर क्षेत्र के गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क को जेसीबी से काट दिया था। इसके बाद से यहां पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि सड़क की जगह नदी जैसी धारा बहने लगी। संपर्क टूटने के बाद लोग रस्सी का सहारा लेकर एक छोर से दूसरे छोर तक सामान पहुंचा रहे हैं। शनिवार को इसी रास्ते को पार करने के दौरान एक बुजुर्ग महिला पानी के तेज बहाव में गिर गई। हालांकि मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ग्रामीणों का कहना है कि बहाव इतना प्रचंड है कि इसे देखकर साफ लगता है जैसे कोई नदी उफान पर हो। ग्रामीण अब प्रशासन से सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था और तात्कालिक राहत की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क काटने के बाद उनकी परेशानियां और ज्यादा बढ़ गई हैं।
फसलों के नुकसान का पंजीकरण 15 सितंबर तक कराएं
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसलों के नुकसान का पंजीकरण 15 सितंबर तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा खोले गए पोर्टल पर पंजीकरण करवाने से किसानों को नुकसान की भरपाई मिल सकेगी। डीसी ने कहा कि समय सीमा को ध्यान में रखते हुए किसान तुरंत पंजीकरण करवा लाभ उठाएं।
क्षतिग्रस्त मोहना-बागपुर मार्ग का डीसी ने लिया जायजा
मोहना-बागपुर मार्ग क्षतिग्रस्त होने पर उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ शनिवार को मौके पर पहुंचे और प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं और सेफ हाउस, भोजन-पानी व स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की गई है। पशुओं के लिए भी चारे और ठहरने की सुविधा उपलब्ध है। डीसी ने तटबंध मजबूत करने, स्थायी समाधान निकालने और फसलों के नुकसान का पंजीकरण कराने की अपील की। मौके पर वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पूर्व मंत्री जगदीश नायर ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा, ग्रामीणों को दिलाया हर संभव सहायता का भरोसा
होडल। भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री जगदीश नायर ने शनिवार को यमुना नदी की बाढ़ से प्रभावित आधा दर्जन से अधिक गांवों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बिलोचपुर, अतवा, सतुआ गढ़ी, लहरपुर, फाटनगर, हसनपुर और माहौली गांवों में ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने उनसे फसलों के नुकसान का मुआवजा जल्द दिलवाने की मांग की। पूर्व मंत्री नायर ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार जनता की भलाई के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस अवसर पर पूर्व जिला पार्षद चंदन सिंह, डुग्गल बंचारी, रमेशचंद्र, पूर्व सरपंच तुलाराम नंबरदार और चीनू हसनपुर भी मौजूद रहे। संवाद