प्रशासन द्वारा आम जनता की सुविधा के लिए बनाए सार्वजनिक शौचालय नगर परिषद कर्मचारियों की लापरवाही के चलते अब मात्र शोपीस बनकर रह गए हैं। उक्त शौचालयों के आसपास व्याप्त गंदगी के ढेर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वछता अभियान को मुंह चिढा रहे हैं। प्रशासन द्वार लक्ष्मी नारायण मन्दिर के निकट वर्षों पहले शौचालयों का निर्माण तो करा दिया गया लेकिन उनको आज तक सुचारू रूप से शुरु ही नहीं किया गया। सफाई कर्मचारियों ने उक्त स्थान को गंदगी डालने का स्थान बना दिया है, जिसके कारण अब उक्त शौचालय केवल गंदगी के ढेर बन कर रह गए हैं।
इन शौचालयों के आसपास पूरा दिन सूअर व अन्य आवारा पशु विचरण करते रहते हैं। आसपास के घरों में रहने वाले लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा लाखों रुपए की लागत से सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण तो करा दिया गया है लेकिन पानी और उनके रखरखाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। यहां तक की इन शौचालय तक पहुंचने से पहले ही गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। यहां जाने के लिए रास्ते तक की व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण उक्त शौचालय अब बेकार साबित हो रहे हैं। कालोनी के लोगों द्वारा बार बार शिकायत करने के बाद भी इस मामले को प्रशासन द्वारा गंभीरता से नहीं लिया गया है।
सार्वजनिक शौचालयो से आहत हो रही हैं श्रद्धालुओं की भावनाएं
लक्ष्मी नारायण मंदिर के निकट वर्षों पहले बनाए गए सार्वजनिक शौचालयों के कारण आसपास की कालोनियों में रहने वाले लोगों व स्कूलों में पढने वाले छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड रहा है वहीं मङ्क्षदर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। सुलभ शौचालय बंद होने के बाद सफाईकर्मियों ने इन शौचालयों के आसपास गंदगी डालने का स्थान बना लिया है जिसके कारण कूढे के ढेरों पर पूरा दिन आवारा पशु विचरण करते हैं तो ऊपर पक्षी मंडराते रहते हैं। कूढे के ढेर और इनसे उठने वाली बदवू के कारण यहां लोगों का रहना दूभर हो रहा है। मंदिर कमेटी व समाजसेवी संगठनों द्वारा इस समस्या को कई बार प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष उठाया जा चुका है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
बार बार शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं
एक ओर प्रधानमंत्री मोदी देश को शौचालय मुक्त करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन पालिका के लापरवाह सफाई कर्मचारी मोदी के इस अभियान को पलीता लगाने में जुटे हुए हैं। सफाई कर्मचारियों ने इन शौचालयों को शहर के विभिन्न स्थानों से उठाई गई गंदगी को डालने का स्थान बना दिया है। इन शौचालयों में बिजली व पानी तक की कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण ये शौचालय मात्र शोपीस बनकर रह गए हैं। लोगों द्वारा बार बार शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उधर नगर परिषद के चेयरमैन राजगोपाल का कहना है कि सुलभ शौचालयों की देखरेख के लिए शीघ्र ही टैंडर जारी किए जाएंगे और यहां डाली जाने वाली गंदगी को शहर से बाहर डलवाने की व्यवस्था की जाएगी