पिनगवां। जिन नन्हे कदमों को किताबों और सपनों की ओर बढ़ना था, वे वर्षों से नाले के ऊपर रखे बिजली के खंभों पर संतुलन साधकर स्कूल पहुंचने को मजबूर थे। कभी एक खंभे पर पैर फिसलने का डर तो कभी बरसात में नाले के उफान का खतरा। फलेंडी गांव के सरकारी स्कूल के बच्चों की यह परेशानी अब खत्म होने की उम्मीद जगी है। 26 अगस्त के अमर उजाला अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद रास्ते की सुध ली गई और मौके पर काम शुरू हो गया है।
बरसात के दिनों में बच्चों की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती थीं। नाले और आसपास के खेतों में पानी भर जाने से रास्ता दिखाई तक नहीं देता था। ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजना अभिभावकों के लिए मजबूरी के साथ डर का भी कारण था। बच्चों की इसी पीड़ा को अमर उजाला ने 26 अगस्त को नाले पर तीन खंभों में से एक गिरा, अब दो के सहारे स्कूल पहुंच रहे फलेंडी के बच्चे शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का असर हुआ और अब संबंधित विभाग की ओर से रास्ते पर काम शुरू कर दिया गया है। फिलहाल रास्ते की सफाई कराई जा रही है। इसके साथ ही नहर पर पाइप डालकर बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए मार्ग तैयार किया जा रहा है। सरपंच प्रतिनिधि असगर ने बताया कि रास्ते का काम शुरू हो चुका है और करीब 15 दिन में काम पूरा होने की संभावना है।