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Palwal News: थोड़ी सी बारिश और तालाब बन जाती है नोएडा-खोड़ा सड़क

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रामकुमार तंवर
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लेबर चौक से सेक्टर-59 और नेशनल हाईवे को जाने वाली सड़क पर होता है भीषण जलभराव, छात्र भी होते हैं परेशान
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माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। थोड़ी सी बारिश होते ही परेशानी सबसे पहले नोएडा-खोड़ा के बीच की सड़क पर दस्तक देती है। जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से सड़क तालाब बन जाती है। सेक्टर-58 लेबर चौक से एनआईबी चौकी के बीच की सड़क कई साल से जलजमाव के लिए संवेदनशील सड़क बनी हुई है। बीते वर्षों में जलभराव के बाद आवागमन थमने पर प्राधिकरण ने कई योजनाएं बनवाने का दावा किया था, लेकिन इसके बावजूद इस बार की बारिश में भी यहां लगातार जलभराव की स्थिति बनती रही। यह हाल तब है जब यह कई औद्योगिक सेक्टरों व सेक्टर-62 को नेशनल हाईवे-9 से जोड़ने का प्रमुख मार्ग है।
लेबर चौक से सेक्टर-58, 59 व 62 जाने वाली सड़क, एनआईबी चौकी होकर नेशनल हाईवे जाने वाली सड़क और सेक्टर-12, 22 व 55 की ओर जाने वाली सड़क निकलती है। सड़क से बड़ी संख्या में इन सेक्टरों की सैकड़ों औद्योगिक इकाइयों के श्रमिक, कारीगर, छात्र, आईटी कंपनियों के कर्मचारी आदि का आवागमन होता है, जाे बारिश मं जलजमाव से प्रभावित हो जाता है। कई औद्योगिक इकाइयों में पानी घुसने से कच्चा माल की आपूर्ति भी प्रभावित होती है।
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90 डिग्री पर नाले का़ मोड़, सफाई न होना बड़ा कारण
जलभराव के बाद कारण और समाधान जानने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने कई बड़ी एजेंसी के इंजीनियरों से सर्वे करवाया था। इसमें मुख्य तौर पर यह सामने आया कि सेक्टर-58 लेबर चौक से नेशनल हाईवे-9 को जाने वाली खोड़ा व नोएडा के बीच की सड़क खोड़ा में कम ऊंचाई पर है। बारिश होने पर खोड़ा का पानी इस सड़क पर आता है। यहां लेबर चौक से सेक्टर-62 एलआईसी ऑफिस के बीच दो छोटी पुलिया (कल्वर्ट) बनी हुई हैं, लेकिन उनकी क्षमता पर्याप्त नहीं है कि तेजी से पानी निकाल पाएं। सफाई न होने की वजह से ये चोक भी रहती हैं। कल्वर्ट से निकले पानी को सेक्टर-62 की तरफ सड़क किनारे बने नाले से होकर सेक्टर-59 ममूरा तक बने नाले में जाना होता है। लेबर चौक मोड़ पर यह नाला 90 डिग्री मोड़ पर मुड़ता है। मोड़ पर नाला भी संकरा है। आगे नाले में सेक्टर-58, 62 के पानी का दबाव बढ़ता है तो बैक-फ्लो भी होने लगता है। इन वजहों से यहां पर जलभराव हो जाता है।

सीआरआरआई से बनवाई गई डीपीआर

इस सड़क पर लेबर चौक के आगे कल्वर्ट से एलआईसी बिल्डिंग मोड़ के आगे तक और उसके बाद कार्ल ह्यूबर स्कूल के सामने भी जलभराव होता है। प्राधिकरण के जीएम एसपी सिंह ने कहा कि जल निकासी के कारण और निदान के लिए सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट(सीआरआरआई) से जल निकासी परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करवाई गई है। 18 से 20 करोड़ रुपये लागत अनुमानित है। वर्क सर्कल ने टेंडर जारी किया है। जल्द काम शुरू होगा।

लोगों ने कहा- दूर नहीं हो रहा दर्द
आवागमन में परेशानी आती है। जाम से माल लाने में देर होती है। बारिश शुरू होने पर कई सेक्टर के लिए यहां का जलभराव समस्या बनता है।- सुनील वाधवा, फर्नीचर कारोबारी, सेक्टर-58
खोड़ा घनी आबादी वाला इलाका है। ड्रेनेज सिस्टम है नहीं, सारा पानी इसी कॉर्नर में जमा होता है। प्राधिकरण को इसके समाधान के इंतजाम करने चाहिए। - अनंत शील, उद्यमी, सेक्टर-62
नाले से पानी की निकासी न होने से औद्योगिक इकाइयों में बारिश का पानी भर जाता है। हर बारिश की समस्या है, फिर भी हल नहीं, जबकि लेबर चौक अहम रास्ता है। - मनोज गोयल, उद्यमी, सेक्टर-58
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पूरा बिशनपुरा, सेक्टर-62 मानसून में जलभराव से प्रभावित होता है। कई बार शिकायत की। हर बार अनसुना कर दिया जाता है। गांव के निवासी परेशान होते हैं।- रामकुमार तंवर, बिशनपुरा

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