पलवल। पूर्व विधायक भगवान सहाय रावत ने रविवार को एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया और कहा कि जल्द ही एक महा पंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस महा पंचायत में नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की घटनाओं पर लगाम लगाने के प्रयास किए जाएंगे। महा पंचायत के माध्यम से सामाजिक जागरूकता लाने का प्रयास किया जाएगा।
पूर्व विधायक भगवान सहाय ने कहा कि पिछले दो वर्ष में दो दर्जन लड़कियों को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी लड़कियों के साथ जबरन निकाह किया जाता है। उसके बाद आनर किलिंग के नाम पर पुलिस सुरक्षा ली जाती है। इस प्रकार के मामलों में पुलिस भी तत्परता से कार्य नहीं कर पाती है।
उन्होंने कहा कि पुलिस भी इस तरह के मामलों को अदालत के नाम पर तो कभी किसी अन्य कार्य के नाम पर टालती रहती है। इसके कारण समाजिक भाईचारा और प्यार कम होता जा रहा है। विधायक ने कहा कि इस तरह के मामलों एक पूरा रैकेट काम कर रहा है। इस रैकेट के तार गांवों की धूल भरी गलियों से निकल कर शहर की तंग कोठरियों तक जुडे़ हुए हैं। पूर्व विधायक रावत ने बताया कि बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले पुलिस रिकॉर्ड में भी दर्ज हैं। कई बार मामले का खुलासा होने पर कुछ लोग इसे सांप्रदायिक रंग देना चाहते हैं।
‘भमरौला जोगी मामले में हाई कोर्ट जाएंगे’
गांव भमरौला जोगी से नाबालिग लड़की को भगाने के मामले में विधायक ने कहा कि वे इस मामले को लेकर हाई कोर्ट तक जाएंगे। इस मामले में पुलिस ने झूठ का सहारा लिया है और अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इस मामले में वे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। जनवरी में इस गांव की एक नाबालिग लड़की को तीन बच्चों का पिता जबरन अपहरण ले गया था। पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। लोगों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष व्याप्त है।