नगीना। स्थानीय चिकित्सा केंद्र को अपग्रेड कराने के लिए कई सामाजिक संगठन रविवार से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू करेंगे। सामाजिक कार्यकर्ता रेयाजुद्दीन ने बताया कि जब तक नगीना व तावड़ू में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं बनाया जाएगा, उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। नगीना में 1871 में अंग्रेज हुकूूमत ने डिस्पेंसरी स्थापित की थी। इसके बाद संयुक्त राज्य पंजाब में 16 मई 1960 को अंबाला के तत्कालीन कमिशभनर केएल बुद्धिराजा ने डिस्पेंसरी को पीएचसी बनाने की आधारशिला रखी थी। करीब 53 साल बीत जाने के बाद भी नगीना पीएचसी को सीएचसी का दर्जा नहीं मिल पाया है। जबकि इस दौरान कई गुना आबादी बढ़ी है। इलाके के समाज सेवियों का कहना है कि पीएचसी से सीएचसी बनाने के लिए सारे नियम नगीना और तावड़ू पीएचसी पूरे करता है। नगीना के 44 गांवों के एक लाख 9 हजार जनसंख्या के स्वास्थ्य का दारोमदार इसी स्वास्थ्य केंद्र पर है। जबकि तावड़ू पीएचसी के अधीन एक लाख तीन हजार आबादी आती है।