संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायत बहीन के पूर्व सरपंच श्याम सिंह रावत पर शिकंजा कस दिया है। ग्राम पंचायत में हुई आर्थिक अनियमितताओं की शिकायत तत्कालीन ग्राम पंचायत पंच मनोज रावत की थी। शिकायत की जांच के बाद शामलात भूमि के पट्टों में 97 लाख 72 हजार 100 रुपये का गबन पाया गया है। जिला उपायुक्त ने सम्बन्धित धनराशि वसूलने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए थे।
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी उपमा अरोड़ा ने सम्बन्धित धनराशि वसूलने के लिए राजस्व विभाग के नायब तहसीलदार बहीन को पत्र लिखा। नायब तहसीलदार श्रवण कुमार ने वसूली नोटिस पूर्व सरपंच श्याम सिंह के पास पहुंचा दिया। राजस्व विभाग के सूत्रों ने रिपोर्ट भेज दी है कि पूर्व सरपंच ने 97,72,100 की धनराशि जमा करने से इनकार कर दिया है। अब जिला राजस्व अधिकारी के माध्यम से पूर्व सरपंच के नाम कृषि भूमि की कुर्की नीलामी के माध्यम से धनराशि वसूलने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पूर्व सरपंच श्याम सिंह के नाम बहीन में राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक 14 कनाल एवं 14 मरला भूमि है। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी उपमा अरोड़ा ने बताया कि धनराशि वसूली की जाएगी। इस बीच राज्य के एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पूर्व सरपंच श्याम सिंह एवं ग्राम पंचायत के तत्कालीन सचिव दिनेश कुमार की गिरफ्तारी के लिए छापे तेज कर दिए हैं। ब्यूरो ने 13 जुलाई 2022 को करप्शन अधिनियम एवं अन्य धाराओं के तहत फरीदाबाद स्थित थाना में पूर्व सरपंच श्याम सिंह एवं सचिव दिनेश कुमार के खिलाफ करप्शन अधिनियम एवं अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। करप्शन ब्यूरो के जांच अधिकारी सोहरनलाल ने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई बार छापे मारे हैं। अभी तक उनका कोई सुराग नहीं लगा है। आरोपी सचिव दिनेश कुमार ने अग्रिम जमानत याचिका अदालत में भी लगाई हुई है। जिसकी सुनवाई तीन जुलाई को होनी है। इस संदर्भ में पूर्व सरपंच श्याम सिंह रावत का कहना है कि उनके ऊपर लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं। राजनैतिक पार्टीबाजी के चलते आरोप लगाए गए हैं।