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एनएचएम कर्मचारियों ने हड़ताल जारी रख दी शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि

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एनएचएम कर्मचारियों ने मौन जुलूस निकाल दी शहीदों को श्रद्धांजलि
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पलवल। अपनी मांगों को लेकर पिछले 12 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों ने शनिवार को भी सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ प्रदर्शन किया तथा नारेबाजी की। सरकार से उनकी मांगों को पूरा करने व बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को वापिस लेने की मांग की गई। चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने अपने निर्णय को वापस नहीं लिया और उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो हड़ताल लगातार जारी रहेगी। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने शनिवार को शहीद सैनिकों को श्रद्घांजलि दी। प्रधान नरवीर डागर के नेतृत्व में दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद मौन जुलूस निकाला। जुलूस के दौरान कर्मचारी पूरी तरह से मौन रहे तथा शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के साथ सरकार के खिलाफ रोष जताया। जुलूस में एनएचएम कर्मचारियों के अलावा अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया। नरवीर डागर ने कहा कि हड़ताल जारी रहेगी, लेकिन शनिवार को यूनियन ने कोई भी नारेबाजी करने व अन्य सरकार के खिलाफ आंदोलन के लिए मौन रहकर रोष जताने का निर्णय लिया है।
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आंखें नम हैं पर दिलों में है आक्रोश
-आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मौन जुलूस निकाला
पलवल। सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में ताऊ देवीलाल टाउन पार्क में चल रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल शनिवार को नौंवे दिन भी जारी रही। जिला प्रधान उर्मिला रावत की अध्यक्षता में आयोजित धरने का संचालन शशिबाला ने किया। धरने के दौरान सुबह सबसे पहले पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई। उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। सरकार के खिलाफ रोष प्रकट करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला। सीटू के जिला प्रधान श्रीपाल सिंह भाटी व उर्मिला रावत ने कहा कि शहीदों के लिए आंखें नम हैं पर पाकिस्तान के खिलाफ हर भारतीय के दिल में आक्रोश है। इसके बाद उन्होंने कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स की हड़ताल के नौ दिन बीत जाने के बावजूद भी कोई समाधान नहीं किया है। इस कारण कर्मियों में भारी नाराजगी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि एक साल के बाद भी सरकार ने समझौते को लागू नहीं किया है। सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को सड़क पर धक्का खाने को मजबूर कर दिया है। नेताओं ने आह्वान किया कि 18 फरवरी को जिले की तमाम आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स अपना काम-काज बंद करके जिला उपायुक्त कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने बताया कि कई वर्षों से आंगनबाड़ी केन्द्रों पर फर्नीचर, पोषाहार और अन्य जरूरी सामान सप्लाई नहीं किया जा रहा है। केन्द्रों का किराया व ईंधन की राशि का भुगतान कई साल से नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 19 फरवरी को रोहतक में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में आगामी आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इस अवसर पर कर्मचारी नेता रमेशचंद,बनवारी लाल,सुमन रावत , योगेश, विमलेश,मुक्तादेवी,कमला देवी,पुष्पा,कृष्णा,गीता देवी,संगीता,मीना देवी व देवकी ने भी हिस्सा लिया ।
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