बुलंदशहर के ध्यानार्थ -
बुलंदशहर में लिंग जांच कर रहा अल्ट्रासाउंड केंद्र सील
- स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में छापेमारी कर रंगे हाथ धरा
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिकायतों के आधार पर बुलंदशहर के अस्पताल में चल रहे अल्ट्रासाउंड केंद्र में छापेमारी कर लिंग जांच करते डॉक्टर को रंगे हाथ दबोच लिया। टीम ने अल्ट्रासाउंड केंद्र के सभी कागजात जब्त कर उसे सील कर दिया है तथा केंद्र के संचालक डाक्टरों के खिलाफ पीएनडीएटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया है। टीम ने एक फर्जी गर्भवती महिला को रुपये देकर जांच के लिए भेजा था।
स्वास्थ्य विभाग की प्रवक्ता डॉक्टर सुषमा चौधरी ने बताया कि पिछले करीब एक महीने से शिकायत मिल रही थी कि बुलंदशहर केपी. रोड में रामा अस्पताल स्थित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भ्रूण लिंग जांच की जा रही है। सोमवार की देर शाम स्वास्थ्य विभाग पलवल की टीम ने रामा अस्पताल में छापा मारा। उन्होंने बताया कि सिविल सर्जन डॉ प्रदीप शर्मा के आदेशानुसार स्वास्थ्य विभाग ने एक छापेमारी टीम का गठन किया। टीम का नेतृत्व डॉ संजय शर्मा नोडल ऑफिसर पीसीपीएनडीटी ने किया। टीम में होडल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा. विपिन कुमार, हथीन की महिला चिकित्सा अधिकारी डा. रूचि, पलवल के ड्रग कंट्रोल ऑफिसर किशन कुमार व ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार रनसिंह शामिल थे। उनके साथ डा. राजीव प्रसाद एसीएमओ कम नोडल अधिकारी को भी रामा अस्पताल में ही बुला लिया गया।
बताया गया कि टीम ने एक महिला को इस सेंटर पर भ्रूण लिंग जांच कराने को भेजा। इस दौरान जैसे ही महिला अल्ट्रासाउंड में लिंग की जांच करा रही थी मौके पर ही टीम ने छापा मार दिया और उसे भ्रूण लिंग जांच कराते हुए पाया। मामले से संबंधित सेंटर के दस्तावेज तुरंत कब्जे में ले लिए गए और अल्ट्रासाउंड मशीन सील करा दी गई। उन्होंने रामा अस्पताल के डा. जितेन्द्र मित्तल के पास से 14 हजार रुपये बरामद किए, जो कि लिंग जांच करने के लिए वसूले गए थे। डा. जितेन्द्र मित्तल (रामा अस्पताल के मालिक), अनीता और मीना (स्वीपर) के खिलाफ पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। इससे पहले भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा अलीगढ़, जेवर व मथुरा में इस तरह की छापामारी कर कार्रवाई कर चुकी है।