रोडवेज हड़ताल : जिले में छह परिचालक व आठ चालक निलंबित
पलवल। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल ने जहां सरकार के नाक में दम कर रखा है वहीं आम लोगों की परेशानी तमाम विकल्पों के बाद भी कम होने का नाम नहीं ले रही। रोडवेज की बसों में सफर करने वाले लोगों की सुविधा के भले ही सरकार ने अस्थायी रूप से चालक व परिचालक लगा दिए हैं, लेकिन लोगों को उन पर भरोसा नहीं है। इस कारण लोग अब रोडवेज की बजाय निजी वाहनों में सफर करना ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं। रोडवेज को भी इस हड़ताल से प्रतिदिन करीब छह लाख रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा है। साथ ही निजी बस संचालकों व अवैध वाहनों की चांदी हो रही है। उधर सरकार ने पलवल में करीब 14 चालक व परिचालकों को निलंबित कर दिया है। इनके निलंबन के आदेश आते ही कर्मचारियों का गुस्सा और बढ़ने लगा है तथा कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अब सरकार से आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
इन चालकों व परिचालकों को किया गया है निलंबित
सरकार द्वारा जिन चालकों व परिचालकों के निलंबन के आदेश जारी किए गए हैं, उनमें परिचालक रामबीर, गंगाराम, अनिल, चंद्रपाल, अशोक व सत्येनपाल तथा चालक रणसिंह, हुकम, लखवीर, शीशपाल, सतपाल, संजय, जितेंद्र, हेतराम शामिल हैं। इन कर्मचारियों के निलंबन आदेश आने के बाद से रोडवेज कर्मचारियों में ही नहीं, बल्कि अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों में भी रोष बन गया है। कर्मचारियों ने अब आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। बताया गया कि सोमवार से हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों द्वारा आंदोलन तेज किया जाएगा। इस बात पर अन्य विभागों के कर्मचारियों से भी चर्चा की जा रही है। कर्मचारी नेता गंगाराम, श्रीपाल भाटी, बनवारी लाल, योगेश शर्मा, राजेश शर्मा का कहना है कि अन्य विभागों के कर्मचारियों ने भी रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में हर तरह की लड़ाई लड़ने की घोषणा कर दी है।
पुलिस व प्रशासन तैयार
हड़ताल से निपटने के लिए अब पुलिस व प्रशासन पूरी तरह से तैयार है तथा सरकार के आदेशों के इंतजार में है। सरकार के आदेश आने के साथ ही पुलिस व प्रशासन रोडवेज कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने लगेगा। एक अधिकारी ने बताया कि सरकार के आदेश मिलते ही हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को उठा दिया जाएगा तथा कार्रवाई की जाएगी।
10 स्थायी व अस्थायी चालकों के बाद भी लोग परेशान
पलवल में रोडवेज की हड़ताल के कारण सरकार द्वारा हाल ही में नियुक्त किए गए पलवल में 10 स्थायी चालकों के अलावा डेढ़ दर्जन के करीब अस्थायी चालकों की तैनाती के बाद भी लोग परेशान हैं। अस्थायी चालकों द्वारा चलाई जा रही बसों में अपनी सुरक्षा को लेकर वे परेशान हैं। इस कारण निजी बसों व अवैध वाहनों में सफर करने को मजबूर हैं। यात्री प्रेमवमी, राम स्वरूप, राजेश का कहना है कि सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल पर ठोस निर्णय ले, ताकि लोगों को परेशानी न हो।
हड़ताल का अब बसों पर कोई असर नहीं है। बसें सुचारू रूप से चल रही हैं तथा लोगों को यातायात की सुविधाएं देने के लिए विभाग द्वारा पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। अब लंबे रूटों पर भी बसें चला दी गईं हैं। जल्द ही सारी बसों का संचालन होने लगेगा। - लाजपत राय, प्रबंधक, रोडवेज डिपो