लॉकडाउन के दौरान हथीन में 600 रजिस्ट्री, जांच शुरू
हथीन। प्रदेश सरकार द्वारा कई जिलों में जमीनी रजिस्ट्री में घोटाले होने की जानकारी मिलने के बाद रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई थी। अब जिला उपायुक्त स्तर पर जांच शुरू हो गई है। हालांकि, पलवल में जिला उपायुक्त द्वारा जांच शुरू नहीं हुई है। लेकिन, खुफिया विभाग और मुख्यमंत्री के उड़नदस्ते द्वारा हथीन तहसील में लॉकडाउन के दौरान की गई जमीनी रजिस्ट्री पर जांच शुरू कर दी गई है। इससे राजस्व विभाग के अलावा प्रापर्टी डीलरों और स्टांप विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है।
हथीन में लॉकडाउन के दौरान मार्च से लेकर 30 जून तक करीब 600 रजिस्ट्री होने की बात सामने आ रही है। राजस्व विभाग के सूत्रों का कहना है कि इन 600 रजिस्ट्रियों में से करीब 50 जमीनों की रजिस्ट्री ऐसी है, जो अवैध कॉलोनियों की है। इनमें उन जमीनों की रजिस्ट्री भी शामिल है, जो कृषि कार्य वाली जमीनों पर अवैध प्लॉटिंग की गई थी। लॉकडाउन के दौरान तहसील बंद होने के बावजूद हथीन उपमंडल में ही 600 रजिस्ट्री होने का मामला मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के दरबार में पहुंच चुका है।
पिछले दिनों सीएम विंडो पर शिकायत की
पिछले ही दिनों कुछ लोगों ने सीएम विंडो पर भी हथीन तहसील द्वारा गलत तरीके से जमीनी रजिस्ट्री होने की शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि तहसील कार्यालय में कुछ प्रापर्टी डीलरों के साथ मिलीभगत कर देर रात तक रजिस्ट्री की जा रही हैं। साथ ही यह भी कहा गया था कि पटवारियों द्वारा कुछ निजी लोगों को जमीनों की फर्द निकालने पर लगाया गया है।
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रजिस्ट्री में कोई अनियमितता नहीं
तहसीलदार रोहताश पंवार का कहना है कि हथीन में जमीनों की रजिस्ट्री में कोई अनियमितता नहीं बरती गई है। 7(ए) के तहत जिन जमीनों की रजिस्ट्री पर प्रतिबंध लगा हुआ है, वहां की जमीनों की रजिस्ट्री आज तक नहीं हुई हैं। एनओसी की आवश्यकता होने पर रजिस्ट्री कराने वाले से एनओसी भी मंगवाई जाती है।