आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पीड़ित परिवार भटक रहा है दो माह से
पलवल। युवती को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। मृतक युवती के परिजन दो माह से पुलिस अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं लेकिन किसी भी अधिकारी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी है। बेटी को न्याय दिलाने के लिए परिजन पुलिस महानिदेशक के साथ सीएम विंडो पर भी इस संबंध में शिकायत कर चुके हैं लेकिन न्याय के नाम पर अधिकारियों ने उनकी झोली में कुछ डाला है।
पीड़ित रायदासका गांव निवासी बाबू (मृतक युवती का भाई) का कहना है कि उसकी बहन ने 10 सितंबर को फंदे पर लटककर जान दे दी थी। परिजनों का आरोप है कि उसकी बेटी को आत्महत्या के लिए मजबूर का जिम्मेदार एक युवक है। कॉलेज जाते समय पर वह युवक उसको तंग करता था, यहां तक की मोबाइल फोन पर भी परेशान करता था। हालांकि पुलिस ने जांच के बाद आरोपी दीघोट निवासी कुलदीप पुत्र विजय के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया था। पीड़ित बाबू का कहना है कि मुकदमा दर्ज करने के बाद दो माह बाद बीत गए हैं, लेकिन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। उनका आरोप है कि इस मामले में वह पुलिस कप्तान, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिदेशक से भी मिल चुके हैं। लेकिन आरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। उन्होंने सीएम विंडो पर भी इस बाबत शिकायत की है। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि आरोपी का पिता पुलिस विभाग में सहायक उपनिरीक्षक है, इस कारण उसे गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। उसने मांग की है कि आरोपी की गिरफ्तारी की जाए। वहीं परिजनों का कहना है कि पांच नवंबर को पुलिस कप्तान ने संबंधित थाना प्रभारी को जांच के आदेश दिए थे, लेकिन आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पीड़ित परिजन जल्द ही सीएम से भी मिलेंगे।