जल स्तर बढ़ने से यमुना से सटे गांवों और खेतों में भरा पानी
-ताजेवाला से शुक्रवार को छोड़ा गया था लाखों क्यूसिक पानी
-प्रशासन की ओर से ओर कोई इंतजाम न होने से ग्रामीणों में रोष
अमर उजाला ब्यूरो
हसनपुर। यमुना का जल स्तर शुक्रवार को इतना बढ़ गया कि पानी हसनपुर क्षेत्र के यमुना से लगेे कई गांवों में घुसना शुरू हो गया है। शनिवार को यमुना से पानी बाहर निकलकर करीब आधा दर्ज गांवों के खेतों में घुस गया। जिससे खेतों में खड़ी फसल और सब्जी की फसलें पूरी तरह से पानी में डूब गई। ताजेवाला से यमुना नदी में पानी छोड़ने की चेेतावनी के बाद भी जिला प्रशासन द्वारा जिले में यमुना से सटे गांवों में किसी प्रकार के इंतजाम न किए जाने पर ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। ग्रामीण खुद ही अब अपने स्तर पर सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं तथा चौकीदारों व सरपंचों के माध्यम से गांवों में ग्रामीणों को सावधानी बरतने की जानकारी देने में जुट गए हैं। ग्रामीणों को यमुना के आसपास न जाने की सलाह भी दी जा रही है।
शुक्रवार को ताजेवाला से यमुना में पानी लाखों क्यूसिक पानी छोड़ा गया था। जिसकी चेतावनी भी दे दी गई थी, लेकिन उसके बाद भी जिला प्रशासन द्वारा जिले की सीमा में यमुना नदी से लगते गांवों में कोई अलर्ट जारी नहीं किया और न ही प्रशासन की तरफ से कोई टीम वहां पहुंची। अब शनिवार को एकाएक यमुना में जल स्तर इतना बढ़ गया कि पानी बाहर हसनपुर क्षेत्र के गांवों फाटनगर, माहोली, बली मोहम्मदपुर, मुर्तजाबाद, हसनपुर के अलावा अन्य दर्जनों गावों के खेतों में घुस गया। सरपंच अरुण ने बताया कि यमुना में जल स्तर बढ़ने के बाद गांवों की तरफ तेजी से बढ़ रहे पानी को देखते हुए अब ग्रामीणों ने खुद ही अपनी सुरक्षा के इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब वे तथा आसपास के गांवों के सरपंच चौकीदारों के माध्यम से लोगों को इस बात की जानकारी दे रहे हैं कि यमुना नदी में जल स्तर बढ़ रहा है। इसके साथ ही सुरक्षित स्थानों पर जाने की भी तैयारी कर ली है।
इस बारे में जिला उपायुक्त डॉ. मनीराम शर्मा का कहना है कि यमुना में बढ़ रहे जल स्तर को लेकर अलर्ट जारी करने के लिए आदेश कर दिए हैं। संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजा जाएगा तथा जो भी व्यवस्था होगी, वह तुरंत कराई जाएगी। सुरक्षा के इंतजाम पूरे कराए जाएंगे। यमुना में छोड़े गए पानी को लेकर ग्रामीणों को भी सतर्क किया जाएगा।