दिल्ली-मुंबई-वड़ोदरा राजमार्ग के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध शुरू
-किसानों ने उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन कर दिया ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। दिल्ली-मुंबई-वड़ोदरा राजमार्ग का काम अभी शुरू भी नहीं हुआ है कि जिला पलवल के अंतर्गत अधिग्रहण की जा रही जमीन के लिए किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया है। सोमवार को मंडकौला गांव के किसान काफी संख्या में लघु सचिवालय पर पहुंचे तथा वहां प्रदर्शन किया। किसानों ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन देकर अधिग्रहण की जा रही जमीन का मुआवजा गुरुग्राम की तर्ज पर तीन करोड़ रुपये प्रति एकड़ देने की मांग की।
दिल्ली-मुंबई-वड़ोदरा राजमार्ग के लिए पलवल जिले के बड़े गांव मंडकौला की भी काफी जमीन अधिग्रहण की जा रही है। इसके अलावा केएमपी के लिए भी मंडकौला में गोलाई के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण करने की अधिसूचना जारी की जा चुकी है। किसानों को जब इस बात की जानकारी मिली कि उन्हें जमीन अधिग्रहण करने पर एक एकड़ का एक करोड़, 62 लाख रुपये मुआवजा तय किया गया है। जबकि इसी राजमार्ग के लिए गुरुग्राम में एक एकड़ के लिए तीन करोड़ रुपये मुआवजा दिया जा रहा है। इस बात की जानकारी मिलते ही किसानों ने अधिग्रहण का विरोध करना शुरू कर दिया है। मंडकौला के किसान सुंदर डागर, किशन लाल, ऱमेश, धन सिंह, दीपक, ताराचंद, लाल सिंह, सुमेश सिंह, बोहरे सिंह आदि किसानों ने बताया कि इसके लिए हमारे द्वारा मुख्यमंत्री, राज्यपाल, केंद्रीय परिवहन मंत्री को भी पत्र भेजा गया है। गुरुग्राम की तर्ज पर मुआवजा न मिलने पर जमीन का अधिग्रहण नहीं करने दिया जाएगा। किसानों ने लघु सचिवालय में पहुंचकर प्रदर्शन किया तथा नारेबाजी भी की। बाद में उपायुक्त के माध्यम से सरकार को एक ज्ञापन भी दिया गया। किसानों ने कहा कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वे धरना, प्रदर्शन भी करेंगे।