राष्ट्रीय लोक अदालत में 17,505 मामलों का निपटारा, 14.96 करोड़ रुपये की राशि पर हुआ समझौता
नूंह में छह बेंचों ने की मामलों की सुनवाई,
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, नूंह की ओर से शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में बड़ी संख्या में लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों को आपसी समझौते के आधार पर निपटाने का प्रयास किया गया। जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 20,792 मामले सुनवाई के लिए लिए गए, जिनमें से 17,505 मामलों का निपटारा किया गया। निपटाए गए मामलों में कुल 14 करोड़ 96 लाख 16 हजार 126 रुपये की समझौता राशि दर्ज की गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत जिले में 12 हजार 858 मामलों की सुनवाई होनी थी। इसके लिए नूंह सहित जिले के विभिन्न न्यायालयों में छह बेंच गठित की गई थीं। लोक अदालत में बैंक रिकवरी, मोटर वाहन दुर्घटना दावा प्रकरण, ट्रैफिक चालान, राजस्व विवाद, वैवाहिक विवाद, सिविल मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले और अन्य प्रकरणों की सुनवाई की गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए गठित छह बेंचों में संदीप चौहान, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नूंह, सुनील कुमार दीवान, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, नूंह, विकास यादव, सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/जेएमआईसी, नूंह, तनुज शर्मा, सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/जेएमआईसी, फिरोजपुर झिरका, निधि, सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/जेएमआईसी, पुन्हाना तथा बेनिका, सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/जेएमआईसी, तावडू को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया था। सभी पीठों ने मामलों की सुनवाई की।
आंकड़ों के मुताबिक प्री-लिटिगेशन के 4,462 मामलों में से 4,434 का निपटारा किया गया और 6 लाख 81 हजार 400 रुपये की समझौता राशि दर्ज हुई। वहीं लंबित मामलों में 16,330 में से 13,071 मामलों का निपटारा हुआ तथा 14 करोड़ 89 लाख 34 हजार 726 रुपये की राशि पर समझौता हुआ।
वहीं लोक अदालत में 50 सबसे पुराने मामलों में से 16 मामलों का निर्णय मेरिट के आधार पर किया गया। बड़ी संख्या में मामलों के निपटारे से लोगों को लंबी अदालती प्रक्रिया से राहत मिली। लोक अदालत ने यह संदेश भी दिया कि आपसी सहमति और समझौते के जरिए विवादों का समाधान समय और धन दोनों की बचत कर सकता है।