जान हथेली पर रखकर रेलवे ट्रैक पार करते हैं लोग
- दुर्घटनाएं हो रहीं लगातार, फिर भी बाज नहीं आते, न पुलिस न रेल प्रशासन को चिंता
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। रेलवे स्टेशन पर ओवरब्रिज है, फिर भी लोग रेल लाइन पार करने से बाज नहीं आते हैं। आए दिन रेल लाइन पार करने के दौरान कहीं न कहीं कोई व्यक्ति ट्रेन की चपेट में भी आ जाता है लेकिन उसके बाद भी न तो लोगों को इसकी परवाह है और न ही रेल प्रशासन व रेलवे पुलिस को इसकी चिंता है। रेल लाइन पार करने वालों को न तो जागरूक किया जा रहा है और न ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यही कारण है कि आए दिन रेल लाइन पार करने वालों की ट्रेन की चपेट में आकर जान गंवाने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
पलवल रेलवे स्टेशन पर नौ प्लेटफार्म हैं। इन प्लेटफार्म तक जाने के लिए रेल लाइनों के ऊपर ओवर ब्रिज बनाया हुआ है, ताकि दैनिक यात्री ओवर ब्रिज के द्वारा उस प्लेटफार्म तक पहुंच सकें, जहां ट्रेन आनी है, लेकिन लोग ओवरब्रिज का इस्तेमाल करने के बजाय रेल लाइन को पार करते हैं। सबसे ज्यादा यह नजारा सुबह, दोपहर व शाम को उस समय देखने को मिलता है, जब ट्रेनों के आने-जाने का समय रहता है। ऐसे में ही ट्रेन की चपेट में लोग आ जाते हैं।
कोहरे के कारण बढ़ती है दुर्घटनाओं की संभावना
इन दिनों सर्दियों के मौसम में पड़ने वाला कोहरा रेल हादसे के लिए अधिकतर जिम्मेवार होता है। कोहरे में रेल लाइन पार करने वाले दैनिक यात्रियों को कई बार ट्रेन दिखाई नहीं देती है और कोई न कोई ट्रेन की चपेट में आ जाता है। रेलवे पुलिस के पिछले रिकार्ड के मुताबिक पिछले साल ऐसे ही रेल लाइन पार करने के दौरान करीब 63 पुरुष, आठ महिलाएं और एक बच्चा ट्रेन की चपेट में आया था। इन लोगों की मौत हो गई थी। इतनी दुर्घटनाएं होने के बाद भी रेल प्रशासन व रेलवे पुलिस की नींद नहीं खुल रही है।
होनी चाहिए कार्रवाई
महिला जागरूकता मंच की प्रदेश सचिव लता भारद्वाज, समाजसेवी सतीश गुप्ता, महेंद्र रावत का कहना है कि रेलवे पुलिस को भी स्थानीय पुलिस विभाग की तरह सुरक्षा सप्ताह मनाना चाहिए। रेल लाइन पार करने वाले दैनिक यात्रियों को जागरूक करना चाहिए तथा समय-समय पर कानूनी कार्रवाई कर मुकदमे भी दर्ज करने चाहिए।
रेल लाइन पार करने वाले लोगों को समय-समय पर जागरूक किया जाता है कि वे ओवर ब्रिज का इस्तेमाल करें। इसके लिए बाकायदा प्रतिदिन अनाउंसमेंट भी कराया जाता है कि दैनिक यात्री रेल लाइनों के बजाय ब्रिज से प्लेटफार्म पर जाएं लेकिन लोग मानते नहीं है। पुलिस द्वारा चालान कटवाए जाते हैं और टिकट जांच अधिकारी भी जुर्माना लगाते हैं। -लोकेंद्र कुमार, स्टेशन अधीक्षक, पलवल