फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खाद की किल्लत, किसान फिर रहे मारे-मारे

विज्ञापन
विज्ञापन
खाद लेने की जल्दबाजी करने में लगे किसान आपस में भिड़े, हंगामा
विज्ञापन

- खाद वितरण में अनियमितताओं पर गुस्साए किसान
होडल। जिले में खाद की किल्लत से परेशान किसानों ने शनिवार को वितरण केंद्र पर जमकर हंगामा किया। केंद्र पर खाद वितरण में हो रही अनियमितताओं के कारण खाद लेने के लिए दो किसानों के बीच मारपीट तक हो गई। इसके बाद हालात बिगड़ने पर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद भी किसानाें ने महिलाओं को घरों से बुलाकर खाद लेने के लिए लाइन में लगा दिया।
होडल के खाद वितरण केंद्र पर शुक्रवार को सरकारी खाद एजेंसी इफ्को पर 3300 के करीब यूरिया खाद के कट्टे आए थे। इस खाद को शनिवार को किसानों को वितरित किया जाना था। किसानों को जैसे ही खाद वितरण की सूचना मिली तो वह खाद लेने के लिए सुबह छह बजे ही वितरण केंद्र पर पहुंच गए और लाइन लगाना शुरू कर दिया। इसके बाद वितरण केंद्र पर खाद वितरण में अव्यवस्था होने लगी तथा किसान खाद जल्द लेने के चक्कर में एक-दूसरे से आगे पहुंचने की जल्दी करने लगे। इस दौरान दो किसानों में कहासुनी हो गई तथा देखते ही दोनों के बीच हाथापाई व मारपीट होने लगी। इसके बाद अन्य किसान भी भड़क गए। इसके बाद वह आपस को रुक वाकर वितरण केंद्र की अनियमितताओं के खिलाफ हंगामा करने लगे। किसानों का आरोप था कि जानबूझकर किसानों को तंग कराकर लड़वाया जा रहा है। किसानों के हंगामा को देख इफ्को वितरण एजेंसी को पुलिस बुलानी पड़ी ।
विज्ञापन

खाद लेने को महिलाओं को लगाया लाइन में
खाद के लिए किसानों को महिलाओं का भी सहारा लेना पड़ रहा है । किसानों ने घरों से महिलाओं को बुलवाकर भी लाइन में लगवा दिया, ताकि जल्द खाद मिल सके। समय से खाद न मिलने पर नाराजगी दिखाते हुए किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की । भिडूकी निवासी किसान अमर सिंह ने बताया कि एक कट्टे खाद के लिए सुबह सात बजे से लाइन में लगना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शाम के तीन बज गए हैं लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रहा है। किसान कन्हैया लाल, हरिओम, बलजीत और राज सिंह का कहना है कि सरकार की गलत नीतियों के कारण खाद के एक-एक दाने के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है। सरकार किस तरह से किसानों की दुगुनी आय कर पायेगी । किसान नेता केशव देव ने बताया कि जब बीजेपी सरकार सत्ता में आई तब खाद की कमी को पिछली सरकार की देन बताया था, लेकिन सरकार को चार साल बीत चुके हैं और आज भी किसान खाद के लिए मारा-मारा फिरता रहता है।
विज्ञापन


कृषि उपनिदेशक वीरेंद्र आर्य का कहना है कि खाद की कोई कमी नहीं है। किसान कई बार जल्दबाजी करने लगते हैं और हंगामा शुरू कर देते हैं। फिर भी वे जानकारी लेंगे तथा समस्या का समाधान कराया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें