भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने हरियाणा के कैमला में हुई घटना की जिम्मेदारी ली है। चढूनी ने कहा है कि उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री को रैली करने की अनुमति नहीं दी। बीजेपी ने कहा कि वे हमारे आंदोलन को तोड़ने के लिए 700 रैलियां करेंगे और हम ऐसी बीजेपी रैलियों का विरोध करेंगे।
हरियाणा के करनाल के कैमला गांव में रविवार को आयोजित किसान महापंचायत में उत्पात मचाने, तोड़फोड़ आदि करने के मामले में पुलिस ने भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी सहित 71 लोगों को नामजद करते हुए शेष अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी को इस मामले का जिम्मेदार बताया था।
इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा था कि कैमला के कार्यक्रम में जो घटा है, वह किसान का स्वभाव नहीं है। इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों को समर्थन मिलने वाला नहीं है। सरकार के सामने आया है कि एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने उकसाने का काम किया है। इस तरह का वक्तव्य देना कि यह सभा नहीं होने देंगे, इससे माहौल खराब होता है। मेरे विषय में यह कहा जाना कि मरोड़ निकाल देंगे, इन सब घटनाओं से चढ़ूनी की मानसिकता का परिचय मिल गया है।
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य एवं भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने कहा कि 13 जनवरी को लोहड़ी के अवसर पर तीनों काले कानूनों की प्रतियां जलाई जाएंगी। 18 जनवरी को जिला व तहसील स्तर पर महिला किसान दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दिल्ली के सभी बॉर्डर पर आयोजित मंचों पर महिलाओं की अगुवाई में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह निर्णय सिंघु बॉर्डर पर आयोजित किसान संगठनों की बैठक में लिया गया है।