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एक मिस्ड कॉल के कारण चली गई प्रेमी जोड़े की जान

Wed, 24 Jul 2013 01:42 AM IST
रजनीश कुमार
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हरियाणा में मेवात गांव संघेल निवासी कुलदीप ने अपनी प्रेमिका के साथ घर से भागते ही एक साथ मरने की कसमें खा ली थीं। लेकिन, कुदरत को कुछ और ही मंजूर था।
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जम्मू-कश्मीर में छुपे कुलदीप की ओर से अपने ताया को की गई एक मिस्ड कॉल ही बाद में उसकी मौत का कारण बनी। इस मिस कॉल के आधार पर ही लोकेशन का पता कर पुलिस इस प्रेमी जोड़े तक पहुंची।

पुलिस और परिजन उन्हें मेवात ले जा रहे थे, कि पठानकोट के कौंतरपुर में ढाबे के बाहर दोनों ने मौत को गले लगाने के लिए जहर निगल लिया।

कठुआ में ईटीटी के छात्र कुलदीप का दिल विवाहिता पर दो माह पहले ही आया था। उनके बीच प्रेम ऐसा परवान चढ़ा कि दोनों ने साथ जीने मरने की कसमें तक खा ली।

हरियाणा में जात-पात का शिकार होने से बचने के लिए दोनों ने घर से भागने का मन बनाया और 7 जुलाई को कुलदीप अपने दोस्त का मोटरसाइकिल लेकर आया था। 8 जुलाई को उसने अपने दोस्त को मोबाइल से बताया कि उसकी मोटरसाइकिल नूंह बस स्टैंड के बाहर खड़ी है, उसे ले जाए। विवाहिता भी उसी सुबह से घर से गायब थी।
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दोनों गांव से कठुआ शहर के एक मोहल्ले में किराए के मकान में रहने लगे। पीछे गांव में माहौल को जानने के लिए कुलदीप नए मोबाइल नंबर से अपने दोस्तों के साथ लगातार संपर्क में था।

इस बीच उसने अपने ताया रणबीर के मोबाइल पर मिस कॉल की। जहां से लोकेशन ट्रेस होने के बाद दोनों को जेएंडके पुलिस ने पकड़कर परिजनों के हवाले कर दिया। लेकिन, दोनों ने प्रेम किया था इसलिए घर छोड़ने से पहले साथ मरने की कसमें खा ली थी।

कौंतरपुर में परिजन ढाबे पर खाना खाने में व्यस्त थे, तभी कार में एक गोली कुलदीप ने सल्फास की निगल ली और एक गोली को प्रेमिका खाने के लिए दे दी। पूछने पर युवती ने बताया कि सल्फास उसने अपने मुंह में डाली थी, लेकिन उसे बाहर निकाल दिया।

उसने बताया कि घर से भागते ही दोनों ने पकड़े जाने पर मरने का मन बना लिया था। इसलिए सल्फास पहले ही ले ली थी। उसने बताया कि अब उनसे गलती हो चुकी है, उस पर पछताने का क्या फायदा है।

मायके वालों ने ले जाने से इंकार किया
अपने प्रेमी के साथ भागी विवाहिता को अपने साथ ले जाने के लिए मायके पक्ष ने मना कर दिया है। लिहाजा पुलिस ने उसे गांव के पूर्व सरपंच विजय पाल सिंह और उसके ससुर के हवाले कर दिया।

जानकारी के मुताबिक कुलदीप के शव को लेने के लिए उसके पिता धर्मबीर, ताया रणबीर व अन्य गांववासी आए थे। जबकि विवाहिता के ससुर अकेले आए थे। जहां पर पहले पुलिस ने लड़की को ससुर के साथ भेजने से इंकार कर दिया।
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उसके मायके में पुलिस ने संपर्क किया, लेकिन उन्होंने लोकलाज का हवाला देकर उसे मना कर दिया। इसके बाद पुलिस पशोपेश में फंसी रही। बाद में पुलिस ने उसे सरपंच विजय और ससुर के हवाले किया।
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