हरियाणा में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में दो वर्षीय जेबीटी कोर्स बंद करने के हरियाणा सरकार के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
प्रीतपाल और अन्य ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि प्रदेश में 21 जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान है। डाइट में कम फीस पर जेबीटी पढ़ने की सुविधा थी जिसे सरकार ने छीन कर निजी कॉलेजों में छात्रों को मोटी फीस देने पर मजबूर कर दिया है।
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जिलों में प्राथमिक शिक्षा को अकादमिक सहायता प्रदान करने के लिए डाइट की स्थापना की गई थी। इन्हें स्थापित करने के लिए पंचायतों ने अपनी जमीनें दी थी जिसकी एवज में पंचायत के लिए 5 सीटें आरक्षित की गई थी।
2020-21 के जेबीटी प्रवेश कार्यक्रम से डाइट को बाहर कर दिया गया। सरकार ने जेबीटी के लिए काउंसिलिंग कार्यक्रम जारी करते हुए केवल गैर सरकारी व सेल्फ फाइनेंस संस्थान को ही शामिल किया है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों के छात्रों को प्रवेश लेने के लिए मोटी रकम चुकानी होगी।
हाईकोर्ट से आग्रह किया गया कि वे सरकार को इन संस्थान में कोर्स शुरू करने का निर्देश दे व काउंसिलिंग कार्यक्रम पर रोक के आदेश दे। हाईकोर्ट ने फिलहाल सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।