नगर परिषद कार्यालय में दमकल कर्मचारियों की 24 दिन से जारी हड़ताल के बीच अब सफाई कर्मचारियों ने भी दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। इसके चलते शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठाने का काम पूरी तरह ठप हो गया है।
कर्मचारी नेताओं का दावा है कि इस हड़ताल में नगर परिषद के कच्चे, पक्के और डोर-टू-डोर वाले करीब 240 कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारियों ने शुक्रवार को नगर परिषद परिसर में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, परिवार सहित प्रदर्शन जारी रहेगा।
कर्मचारी नेता रविंद्र व सुरेश कुमार ने बताया कि ड्यूटी के दौरान दमकल कर्मचारी की मौत के बाद भी सरकार ने कोई सुनवाई नहीं की। परिवार को मुआवजा और नौकरी देने की मांग को लेकर दमकल कर्मचारी 24 दिन से धरने पर हैं, लेकिन सरकार का रवैया उदासीन है। इसी के विरोध में सफाई कर्मचारियों ने भी काम बंद कर दिया है।
नेताओं ने कहा कि फिलहाल यह हड़ताल दो दिन के लिए है। अगर इसके बाद भी सरकार नहीं जागी तो आंदोलन को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाया जाएगा। हड़ताल के पहले दिन ही शहर की गलियों और बाजारों में कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए हैं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बहादुरगढ़ में नगर परिषद के सभी कच्चे और पक्के सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आज हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों ने सुबह से ही काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके चलते शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को अवगत करा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उनकी प्रमुख मांगों में नौकरी की सुरक्षा, वेतन में बढ़ोतरी और ठेका प्रथा को खत्म करना शामिल है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन की 8 अप्रैल से जारी राज्यव्यापी हड़ताल आज 24वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। सरकार द्वारा लगातार कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी किए जाने के विरोध में नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने भी फायर कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन ने एक मई से हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे आंदोलन और व्यापक हो गया है।
हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने हड़ताल को 5 मई तक बढ़ाने का भी ऐलान किया है। यूनियन के राज्य प्रधान राजिन्दर सिनद एवं महासचिव गुलशन भारद्वाज ने बताया कि फायर कर्मचारियों के साथ-साथ अब सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से प्रदेश की जनता को आने वाले समय में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले से ही बढ़ रही आगजनी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है, और सरकार द्वारा फायर स्टेशनों पर अकुशल रोडवेज चालकों व होमगार्ड्स की तैनाती कर जनता की जान जोखिम में डाली जा रही है। इससे न केवल आमजन की सुरक्षा खतरे में है, बल्कि महंगी फायर गाड़ियों को भी भारी नुकसान हो रहा है। संघ नेताओं ने बताया कि कई जिलों में आग बुझाने के दौरान होमगार्ड्स को गंभीर चोटें आई हैं तथा फायर गाड़ियों के साथ दुर्घटनाएं भी हुई हैं, लेकिन सरकार इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने 16 फरवरी को फरीदाबाद के गांव मुजेसर स्थित एक स्टील फैक्टरी में आग बुझाते समय शहीद हुए दो दमकल कर्मियों को शहीद का दर्जा देने, उनके परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा, आश्रितों को पक्की सरकारी नौकरी देने की मांग दोहराई। इसके अलावा यूनियन ने पे-रोल व कौशल निगम के तहत कार्यरत दमकल कर्मचारियों को नवसृजित फायर ऑपरेटर पदों पर समायोजित कर सुप्रीम कोर्ट व पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्णयानुसार नियमित करने, तथा नियमित कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी में राहत देने सहित अन्य लंबित मांगों का जल्द समाधान करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार इन मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। साथ ही सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने भी हड़ताली दमकल कर्मचारियों के समर्थन में क्रमिक भूख हड़ताल करने का निर्णय लिया है, जिससे आंदोलन को और मजबूती मिलेगी।