न्यायालय के आदेशों का पालन करने का नगर निगम दिखावा तो करता है, लेकिन उन आदेशों पर कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाता है। शहर में ग्रीन बेल्ट एरिया पर हो रहे अवैध कब्जों के मामलों में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है।
नगर निगम अधिकारियों और रसूखदार लोगों की मिलीभगत का ही असर है कि अवैध कब्जा करने वाले दुकानदार न्यायालय के आदेशों को नहीं मान रहे हैं। नोटिस दिए लगभग तीन माह का वक्त बीत चुका है। लेकिन निगम ग्रीन बेल्ट को कब्जा मुक्त नहीं करा सका है।
ग्रीन बेल्ट पर कहीं ढाबा, होटल व जूस की दुकान चल रही हैं तो कहीं सब्जी, फल, पान-बीड़ी व पंचर वालों ने जगह घेर रखी है। पार्किंग माफियाओं ने तो ग्रीन बेल्ट को अपनी ही प्रॉपर्टी समझ ली है। निगम की नाक के नीचे दर्जनों अवैध पार्किंग खुलेआम चल रहे हैं। इस बारे में निगम की संयुक्त आयुक्त सुनीता वर्मा का कहना है कि निगम अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। कार्रवाई रोकी नहीं गई है, जल्द ही सभी कब्जे हटेंगे।