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हरियाणा के किसानों के लिए खुशखबरी: रबी फसलों पर बढ़ी एमएसपी, जानें प्रति क्विंटल कितने बढ़े दाम?

Mon, 05 Oct 2026 07:42 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

किसानों को मौजूदा सरकारी खरीद के आधार पर करीब 515 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान है। इसमें सबसे बड़ा फायदा सरसों और गेहूं उत्पादकों को होगा।
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हरियाणा में रबी फसलों पर बढ़ी एमएसपी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से हरियाणा के किसानों को मौजूदा सरकारी खरीद के आधार पर करीब 515 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान है। इसमें सबसे बड़ा फायदा सरसों और गेहूं उत्पादकों को होगा। सरसों की सरकारी खरीद करीब 13 लाख टन तक पहुंचने पर कुल अतिरिक्त लाभ बढ़कर करीब 720 करोड़ रुपये हो सकता है।

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सरसों पर 413 रुपये प्रति क्विटंल मिलेंगे अधिक
सरसों का एमएसपी 6,200 से बढ़ाकर 6,613 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। यानी किसानों को प्रति क्विंटल 413 रुपये अधिक मिलेंगे। राज्य में करीब 8 लाख टन सरसों की खरीद होने पर अतिरिक्त लाभ करीब 330 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। खरीद 13 लाख टन पहुंचने पर अकेले सरसों किसानों को करीब 537 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं। 

सरसों उत्पादन में सिरसा, भिवानी, महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी प्रमुख जिले हैं। गेहूं का एमएसपी 2,585 से बढ़ाकर 2,610 रुपये किया गया है। करीब 72 लाख टन सरकारी खरीद के आधार पर किसानों को लगभग 180 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। करीब 4.69 लाख गेहूं विक्रेताओं के हिसाब से प्रति किसान औसतन करीब 3,800 रुपये अतिरिक्त लाभ का अनुमान है। वहीं 2.59 लाख सरसों विक्रेताओं पर यह औसत करीब 12,700 रुपये बैठता है।

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अन्य फसलों के भी बढ़े दाम 
कुसुम के दाम सबसे ज्यादा बढ़े जौ का एमएसपी 2,150 से 2,286, चना 5,875 से 5,958, मसूर 7,000 से 7,390 और कुसुम 6,540 से 7,215 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। कुसुम के दाम में सबसे अधिक 675 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

एमएसपी बढ़ने से गेहूं के साथ दलहन और तिलहन की खेती को आर्थिक प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इससे फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि चना, मसूर और कुसुम का वास्तविक लाभ सरकारी खरीद की मात्रा और बाजार भाव पर निर्भर करेगा।
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