राजस्थान के कस्बा बहरोड़ में चार दिन पहले हुई तीन मासूम बच्चों की हत्या उनकी मां ने ही की थी। आरोपी महिला द्वारा अपना गुनाह कबूल करने पर राजस्थान पुलिस ने उसे मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।
थाना प्रभारी तेजराम हांडा ने बताया कि आरोपी महिला मीरा के अनुसार उसका पति घर चलाने के लिए उसे खर्चा नहीं देता था। आर्थिक तंगी के कारण वह घर का खर्चा वहन नहीं कर पा रही थी और बच्चों की स्कूल फीस देने में भी परेशानी हो रही थी। इन सबसे छुटकारा पाने के लिए वह बच्चों सहित मरना चाहती थी।
शुक्रवार की रात उसने तीनों बच्चों को नींद की गोलियां देकर तौलिए से उनका गला दबा कर हत्या कर दी। इसके बाद वह डर गई और स्वयं को निर्दोष साबित करने के लिए दीवार पर सिर मारकर खुद को घायल कर लिया था। अपने भाई यादराम को फोन पर मनघडंत कहानी सुना दी।
थाना ने बताया कि शुक्रवार रात बहरोड़ के पतासे वाली गली में पुलिस को 12 वर्षीय रविना, नौ वर्षीय मनीषा, सात वर्षीय करमेश अचेत अवस्था और उनकी मां मीरा घायल अवस्था में मिली थी। चारों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया था।
पुलिस ने इस मामले में मीरा के भाई गांव मुंडि़याखेड़ा निवासी यादराम की शिकायत और घायल महिला के बयान पर कान्हावास माजरा निवासी बच्चों के पिता हवा सिंह और अन्य दो लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।
पुलिस ने हवा सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि वह उस रात गाड़ी की बुकिंग लेकर अलवर गया था। जो जांच में सही पाया गया। इसके बाद पुलिस ने मीरा पर दबाव डाल कर पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। थाना प्रभारी ने बताया कि मीरा ने यह भी बताया कि उसने दीपावली पर भी अपने बच्चों को जहर देकर मारने का प्रयास किया था, लेकिन उस दिन वे बच गए थे।
छह साल पहले भी मीरा ने अपनी बड़ी बेटी रवीना को अपनी ससुराल में कुएं में धकेल कर मारने का प्रयास किया था, लेकिन यह रवीना का सौभाग्य था कि समय रहते गांव वालों को इसकी खबर लग गई और उसे सुरक्षित निकाल लिया गया।